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अफसरों ने ही बेच दी सरकारी जमीन

Sun, 09 Mar 2014 12:08 AM IST
गुरदासपुर।
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जिले में तैनात अफसरों और कर्मचारियों ने ही मिलीभगत के तहत सरकारी जमीन बेच दी। मामला सामने आने के बाद आखिरकार डीसी ने आरोपियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए आरोपियों में माल विभाग के तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार व दो कानूनगो के अलावा एक क्लर्क और पटवारी समेत सात शामिल हैं। जमीन बेचने का मामला साल 2013 का है।
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गुरुवार को कार्रवाई की पुष्टी करते हुए गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर डा. अभिनव त्रिखा ने बताया कि सस्पेंड होने वालों में तहसीलदार राकेश पाल मिन्हास, कानूनगो महिंदर पाल दीनानगर, कानूनगो बूआ सिंह के अतिरिक्त क्लर्क तहसील गुरदासपुर राज कुमार व पटवारी दविंदर सिंह के अलावा नायब तहसीलदार दीनानगर जोगिंदर पाल जस्सी व नायब तहसीलदार यशपाल शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन बेचने का यह मामला साल 2013 का है। हलका दीनानगर के पटवारी सर्किल के गांव पखोवाल कुल्लीयां में टेक चंद, ज्ञान चंद व राज कुमार तीनों पुत्रगण बाड राम से मिलीभगत के तहत गैरकानूनी तरीके से 24 हजार 525 रुपये में उनके नाम सरकारी जमीन अलाट कर दी थी। आरोप है कि नायब तहसीलदार यशपाल ने दो दिन बाद आठ मई 2013 को पावर का गलत इस्तेमाल कर जमीन का इंतकाल मौजूदा नायब तहसीलदार जोगिंदर पाल जस्सी से करवा दिया।
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यह भी आरोप है कि वर्तमान में कपूरथला में तैनात गुरदासपुर के तत्कालीन तहसीलदार राकेश कुमार मिन्हास ने सीमावर्ती गांव मजवाल व आलेवाल में कथित रूप से दो गिरदावरिया बदलकर उसे अपने करीबियों के नाम कर दी। इनमें से एक ऐसे व्यक्ति ने नाम की गई जो अजनाला निवासी है।


रंधावा ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
सरकारी जमीन को जालसाजी के तहत बेचने का मामला तब सामने आया, जब  कांग्रेस के जिला प्रधान व विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा के बजट सत्र में यह मुद्दा उठा कर सनसनी फैला दी। आखिरकार मामले का संज्ञान लेते हुए माल विभाग के मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया। डिप्टी कमिश्नर डा. अभिनव त्रिखा ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई मजीठिया के निर्देश पर ही की गई है।
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