घोषणा के आठ वर्ष बाद भी महाराणा प्रताप इंटर स्टेट बस टर्मिनल पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा बादल सरकार ने स्थापित नहीं की। इस पर जिला राजपूत महासभा ने खुद ही प्रतिमा लगवाने का फैसला किया है। महासभा ने प्रतिमा स्थापित करने के लिए सरकार से बस स्टैंड में जगह उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले को लेकर जिला राजपूत महासभा पठानकोट बैठक एक होटल में आयोजित की गई। अध्यक्षता सभा प्रधान साहब सिंह साबा ने की। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पठानकोट के बस स्टैंड पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने का वादा किया था।घोषणा करने के बाद बादल सरकार ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा तैयार कराने की योजना भी बनाई थी।
इसके तहत लगभग 15 फुट ऊंची महाराणा प्रताप की प्रतिमा 10 लाख रुपये से बनवाई जानी थी। सरकार ने एक कमेटी भी गठित कर मूर्ति बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को इस कमेटी का मुखिया बनाया गया था। कमेटी ने अगली कार्यवाही करते हुए मूर्ति के निर्माण का ठेका देने के लिए टेंडर भी खोला गया था। फंड मुहैया न करवाने से काम आगे नहीं बढ़ पाया।
साबा ने कहा कि महाराणा प्रताप की मूर्ति को राजपूत बिरादरी खुद तैयार कराएगी और महाराणा प्रताप की जयंती पर बस स्टैंड में स्थापित करा देगी। उन्होंने कहा किसरकार से राजपूतों की सिर्फ इतनी मांग है कि वह बस स्टैंड पठानकोट पर प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान उपलब्ध करा दे।
बैठक में वाइस प्रधान विक्रम सिंह, महासचिव शमशेर सिंह, कैशियर शमिंदर काटल, नरिंदर सिंह, जगपाल सिंह, शेर सिंह, रशपाल सिंह, सुनील ठाकुर, रघुविंदर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, बलविंद्र सिंह, राजिंदर सिंह, प्रमोध काटल, संजु तनवाल, कुलदीप सिंह, रंजीत पटियाल मौजूद थे।