रणजीत सागर बांध प्रशासन शाहपुरकंडी ने परियोजना पर कार्यरत 836 मुलाजिमों को बीबीएमबी और सिंचाई विभाग में विभिन्न जगहों पर बदलने के आदेश जारी किए हैं। इससे मुलाजिमों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। तबादला रुकवाने के लिए मुलाजिम राजनीतिक संरक्षण हासिल करने के लिए नेताओं के दरबार में पहुंचने शुरू हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक बांध प्रशासन ने तबादला सूची में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का हवाला देते हुए 653 बेलदारों और चार्ज मेन, टी गेट, मेट, शावल आपरेटर, डीजल मैकेनिक, ड्रिलर, ऑटो मेकेनिक ब्लैक स्मिथ, होस्ट आपरेटर, टूल मेकेनिक, गेट मैन, गेट कीपर, वेल्डर और कारपेंटर श्रेणी के 183 मुलाजिमों को पंजाब के सिंचाई विभाग में लुधियाना, फिरोजपुर, पटियाला, गिदड़बाहा, संगरूर, तलवाड़ा मंडल में भेजने के आदेश जारी किए हैं। अब मुलाजिम अपना तबादला रुकवाने के लिए राजनीतिक नेताओं के घर पर चक्कर काट रहे हैं।
बांध प्रशासन का कहना है कि सरकार के आदेश के मुताबिक प्रशासन ने तबादले किए हैं और किसी से कोई भेदभाव नहीं किया है। मालूम हो कि परियोजना पर पांच हजार से ज्यादा मुलाजिम सरपल्स हैं। उन्हें पंजाब के सरकारी विभागों में शिफ्ट करने की पहले भी कई योजनाएं बनी हैं।
इससे पहले भी कई मुलाजिमों का तबादला पंजाब के अन्य सरकारी विभागों में किया गया था, लेकिन मुलाजिम कोर्ट की शरण में चले गए थे। शाहपुरकंडी बैराज का निर्माण विभागीय स्तर पर शुरू कराकर सरपल्स मुलाजिमों को एडजस्ट करने का सुझाव भी दिया जा चुका है लेकिन पंजाब सरकार की ओर से शाहपुरकंडी बैराज का काम निजी हाथों में सौंपने के बाद उन पर तबादलों की तलवार दोबारा लटक गई थी।