शहर के गांधी चौक में आंगनबाड़ी वर्करों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की। सोमवार को सबसे पहले आंगनबाड़ी वर्करों ने रोष मार्च निकाला। इसके बाद सरकार का पुतला जलाया। आंगनबाड़ी यूनियन की बटाला की प्रभारी गुरबिंदर कौर ने वर्करों को संबोधित करते हुए कहा कि अप्रैल, 2013 को जब यूनियन की तरफ से संसद का घेराव किया गया था तो केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीर्थ ने आंगनबाड़ी वर्करों का मान भत्ता 10, 000 हजार और हेल्पर को 5, 000 रुपये देने का भरोसा दिया था।
कई माह बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। इससे वर्करों में रोष है। उन्हाेंने केंद्र सरकार से मांग की कि जो ब्लॉक एनजीओ को दिए गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लिया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्की इमारत, मिनी केंद्र को पूरे केंद्र का दर्जा देने, आंगनबाड़ी कें द्रों को फर्नीचर और बिजली-पानी की सुविधा मुहैया करवाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने मांगें नहीं मानी तो संघर्ष और तेज कर दिया जाएगा। इस अवसर पर हरजीत कौर, परमजीत कौर, सुखवंत कौर, सुरजीत कौर, सुखविंदर कौर, कुलमीत कौर, जसविंदर कौर, मनजीत कौर, राजविंदर कौर और जसविंदर कौर मौजूद रहीं।