पठानकोट। मांगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से पठानकोट की सड़कों पर रोष मार्च निकाला गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया गया।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा के तहत सौ दिन की बजाए दो सौ दिन काम देने और दिहाड़ी साढ़े तीन सौ रुपये करने, पेंशन कम से कम 3150 रुपये हर महिला-पुरुष को देने की मांग की।
इसके अलावा 58 साल की उम्र पूरी कर चुके मजदूर व किसानों को बिना शर्त छह मरले का मकान देने, 35 किलो अनाज दो रुपये किलोग्राम के हिसाब से नाल देने, ठेकेदारी सिस्टम को बंद करके पक्की नौकरी देने और लड़कियों की पढ़ाई का सारा खर्च वहन करने की मांग भी की।
कामरेड ध्यान सिंह ने कहा कि पंजाब में सरकार नाम की चीज काम नहीं कर रही है और सूबे में माफिया राज कायम हो गया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार नौजवान नशे की पूर्ति के लिए गलत संगत में पड़कर अपराध की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक सेक्टर को एक साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है और लोगों की कमाई को लूटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और आम जनता रोजाना के घोटालों से दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक गुलामी की जंजीरों में धकेला जा रहा है जोकि रोका जाना चाहिए। इससे पहले रोष मार्च बस अड्डा के पास से शुरू होकर रेलवे रोड, वाल्मीकि चौक, गांधी चौक, डाक खाना चौक, मेन बाजार, मिशन रोड से होकर डीसी दफ्तर तक पहुंचा जहां पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया।
इस मौके पर थुड़ू राम, बलबीर सिंह, बोधराज, सोनू, महिंद्र पाल, प्रदीप कुमार, जगदीश राज, जसबीर सिंह, तरसेम सिंह, कश्मीर सिंह, रूप लाल, औजागर सिंह, नसीर सिंह, रामपाल, विजय कुमार, सुरिंद्र, सत्या देव सैनी, जनक राज, राज कुमार, ध्यान सिंह, चैन सिंह, मंगत सिंह, गरीब दास, ओमकार सिंह, दलविंद्र सिंह काहलो, जीवा सिंह, इकबाल सिंह, हरि कृष्ण, अमरीक सिंह, बलदेव सिंह, सतनाम सिंह, कुलदीप सिंह, पुरुषोत्तम सिंह मौजूद थे।