पंजाब स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड (पनसप) के गोदाम में रखे करीब 1.13 करोड़ की कीमत के गेहूं को गोदाम पर तैनात इंस्पेक्टर ने ही ठिकाने लगा दिया। मामले का खुलासा होने पर संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
आरोपी इंस्पेक्टर नरोट जैमल सिंह और बम्याल में स्थित गोदाम पर तैनात था। मामला तब सामने आया जब स्टाक की चेकिंग की गई। आरोपी के खिलाफ पनसप के जिला मैनेजर गुरदासपुर ने शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि अभी आरोपी फरार है।
पनसप का इंस्पेक्टर त्रिलोक चंद के पास नरोट जैमल सिंह और बम्याल स्टोर (गोदाम) का चार्ज था। वर्ष 2012-13 की गेहूं का रख-रखाव गोदाम में किया गया था। 28 मार्च 2013 को विभाग की ओर से त्रिलोक चंद का तबादला कर वहां सरवन सिंह को तैनात किया गया। नियमों के मुताबिक चार्ज छोड़ने से पहले गोदाम में पड़े स्टाक की चेकिंग की जाती है। सरवन सिंह ने जांच में स्टाक में कुछ हेराफेरी पाई।
उसने मामले की शिकायत विभागीय अफसरों से की। विभागीय जांच इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, सचिन सयाल और अजीत कुमार को सौंपी गई थी। इस तीन सदस्यीय कमेटी ने गोदाम की व्यक्तिगत तौर पर चेकिंग की। इसमें उन्होंने गोदाम में गेहूं कम पाया। कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया कि त्रिलोक चंद की ओर से करीब एक करोड़ 13 लाख 61 हजार 575 रुपये के गेहूं को खुर्द-बुर्द किया गया है।
डीएसपी (रूरल) प्रभजोत सिंह विर्क ने बताया कि पनसप मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी अभी फरार है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम की ओर से छापामारी की जा रही है।