नशा तस्करों से संबंध होने और लैब में नशीले पदार्थों के सैंपल फेल करवाने के आरोप में लाइन हाजिर चल रहे पूर्व थाना सदर पठानकोट के प्रभारी ललित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। जिला पुलिस ने पुलिस अफसरों, ड्रग तस्कर और खरड़ स्थित केमिकल जांच लैब की आपस में मिलीभगत का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। गुरदासपुर के एसएसपी सुखवंत सिंह गिल ने बताया कि कई हफ्तों की जांच के बाद सामने आया है कि एसएचओ ललित कुमार के नशा तस्करों से संबंध थे और केमिकल जांच लैब में भी उसकी पहुंच थी।
गिल ने बताया कि जांच कर रहे अधिकारियों को ललित कुमार की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ और कुछ हफ्ते पहले उसे सस्पेंड कर पठानकोट पुलिस लाइन भेज दिया गया था। मामले की जांच अभी चल रही थी लेकिन मंगलवार को मिले सबूतों के आधार पर ललित कुमार पर 7/12(2) ( प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट) तथा 420/201/120 बी. आईपीसी के तहत पुराना शाला थाने में मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी ने बताया कि ललित कुमार के तार बहुत दूर तक नशा तस्करों से जुड़े थे।
बार्डर रेंज के आईजी ईश्वर चंद्र ने बताया कि ललित कुमार ड्रग माफिया से मिला था। साथ ही केमिकल लैब में भी उसकी पहुंच थी। ललित कुमार ड्रग तस्करों से पैसे लेकर लैब में भेजे गए नशीले पदार्थों के सैंपल फेल करवा देता था। उन्हाेंने बताया कि आरोपी ललित कुमार को पकड़ने के लिए छापामारी की जा रही है।
आईजी ईश्वर चंद्र ने बताया कि ललित कुमार को बर्खास्त करने के लिए डिपार्टमेंट जांच के आदेश सौंप दिए गए हैं। आरोपी के गिरफ्त में आते ही सारे माफिया का पर्दाफाश हो जाएगा। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है जिसमें बार्डर जोन से संबंधित स्मगलिंग में लिप्त लोगों की जांच की जा रही है। गुरदासपुर, तरनतारण, अमृतसर (रूरल) के अधिकारी ज्वाइंट जांच सेंटर ले जाकर स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल अमृतसर में पूछताछ करेंगे। अब तक करीब 46 व्यक्तियों जिनका पिछला रिकार्ड स्मगलिंग से जुड़ा है से पूछताछ की जा रही है।