यूबीडीसी नहर में रविवार को मिले एक-47, इंसास व 315 बोर रायफलों के कारतूस पुणे स्थित रक्षा मंत्रालय की गोला बारूद फैक्टरी में बने थे। इन कारतूसों का इस्तेमाल सेना, अर्द्धसैनिक बल और पुलिस करती है। एससपी का कहना है मामले की जांच चल रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जम्मू-अमृतसर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर गांव आसोवाला के पास यूबीडीसी नहर में रविवार को 76 कारतूस मिले थे। बरामद कारतूसों में एसके 47 के 29, इंसास के 29 और 315 बोर राइफल के 18 कारतूस थे। इन कारतूसों को थाना कानंवा में रखा गया है।
इनकी जांच का काम चल रहा है। पुलिस अफसर मामले में अभी कुछ नहीं बता रहे हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बरामद कारतूस पुणे की सरकारी फैक्टरी में बने हैं। इन कारतूसों को वित्तीय वर्ष 1997-98 में बनाया गया था। इंसास रायफल सेना और पुलिस इस्तेमाल करती है।
इससे यह मामला सेना या पुलिस के साथ जुड़ा हो सकता है। पुलिस पता लगाने के जुटी है कि इन कारतूसों को फैक्टरी से किसने खरीदा था। इस संबंध में एसएसपी आरके बख्शी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गांव आसोवाला के पास से गुजरी यूबीडीसी नहर में रविवार को बच्चों ने चुंबक के जरिये सिक्के तलाशने के दौरान कारतूस देखे थे। इसके बाद गांव आसोवाला के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। एसएसपी की मौजूदगी ने दो घंटे तक गोताखोरों को जरिये चलाए गए सर्च अभियान में यह कारतूस बरामद हुए थे।