पठानकोट। क्षेत्र की पांच वर्ष की बच्ची से दुराचार के आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर सुजानपुर वासियों ने वीरवार को टैंपो स्टैंड के निकट प्रदर्शन कर जम्मू हाईवे पर दो घंटे जाम लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे नेशनल हाइवे पर लगाए जाम से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई। हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च भी निकाला जोकि टैंपू स्टैंड से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुजानपुर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन, प्रदर्शनकारियों के गुस्से के आगे पुलिस बेबस नजर आई।
राज रानी की अध्यक्षता में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं टैंपो स्टैंड पर पहुंची। राज रानी, ममता, राजविंद्र कौर ने कहा कि मासूम को इंसाफ देने के लिए आरोपी युवक के उपर 15 दिन के अंदर हत्या के प्रयास और अपहरण की धाराएं जोड़ी जाएं। उन्होंने प्रशासन से आरोपी युवक को फांसी देने व क्षेत्र में नशे पर लगाम कसने की मांग की। उन्हाेंने कहा की समाज में बलात्कार जैसी घिनौनी घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि अभी तक सरकार व प्रशासन की ओर से पीड़ित लड़की की कोई आर्थिक सहायता नहीं की गई। इससे सुजानपुर की जनता में रोष की लहर है। शिअद की बसरूप प्रधान जोगिन्द्र कौर ने कहा कि सुजानपुर में नशे का कारोबार काफी बढ़ गया है, जबकि पुलिस इस पर नकेल नहीं कस पाई है। शिव सेना पंजाब के जिला यूथ प्रधान संजीव शर्मा ने कहा कि जब तक दरिंदे सुलखन को फांसी पर लटकाया नहीं जाता, तब तक रोष प्रदर्शन जारी रहेगा।
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राजिंद्र मन्हास ने प्रदर्शनकारियों को समझा कर जाम खुलवाया और आश्वासन दिया कि कानून के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर रेणु, राधा रानी , वीना, सुखवंत कौर, भोली देवी, कांता, ममता देवी, सीमा देवी, तृप्ता देवी, पुरो देवी, रीटा मौजूद थे।
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माता पिता से बात कर रही है बच्ची
अस्पताल में दाखिल बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है और उसकी सेहत में सुधार हो रहा है। वह होश में है और अपने माता-पिता से बात कर रही है। उसे डॉक्टरों की टीम की सघन निगरानी में रखा गया है और उसे आईवी फ्लूड और संक्रमण पर काबू पाने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए जा रहे हैं। बच्ची का इलाज कर रही डॉक्टर प्रगति ने कहा कि बच्ची की प्राथमिक जांच में उसके शरीर पर जख्म पाए गए थे। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक्स दी जा रही है। इलाज का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। डॉक्टर के मुताबिक ‘बच्ची कॉन्शियस व अलर्ट है, रिकवरी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।