पठानकोट। गवर्नमेंट एलीमेंट्री स्कूल आसोबानो की शिक्षक आरती के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साये शिक्षक शनिवार को सड़कों पर उतर आए। इस अवसर पर गवर्नमेंट टीचर यूनियन के बैनर तले शिक्षकों ने रोष मार्च निकाला और पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
इससे पहले शिमला पहाड़ी पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गवर्नमेंट टीचर यूनियन के प्रधान बोधराज ने कहा कि आरती की हत्या के तीन माह बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग लगाने में विफल रही है। इसके चलते शिक्षक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरती चांद की हत्या की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामूली से चोरी के केस में चोर को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पठानकोट पुलिस की कार्यप्रणाली शक के घेरे में है।
सतपाल, तरसेम सरमल, हरेश सैनी और पंजाब सुबार्डिनेट सर्विस फेडरेशन के प्रधान प्रेम सागर पुलिस की ड्यूटी जनता की सुरक्षा है, लेकिन पुलिस अभी ड्यूटी पूरी ईमानदारी के साथ नहीं निभा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या जैसी वारदात पर तीन माह बाद भी पर्दा डला होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि आरती चांद के हत्यारों का सुराग जल्द से जल्द लगाया जाना चाहिए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शिमला पहाड़ी पार्क से डल्हौजी रोड, गाड़ी अहाता चौक समेत मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका।
यह था मामला
गुरदासपुर निवासी आरती रोजाना बस से पहले मलिकपुर उतरती थी और वहां से स्कूटी लेकर स्कूल पढ़ाने जाती थी। 7 अगस्त को वह घर वापस नहीं लौटी और देर सायं उसका शव खून से लथपथ हालत में गुलपुर सिंबली में मिला था। जांच में शव के गले, पेट और हाथों में तेजदार हथियार के घाव के निशान थे।