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काैन है पादरी बजिंदर सिंह: दुष्कर्म मामले में पहुंचा जेल... अनुयायी कहते थे पापाजी; पीड़िता ने कहा साइको

Tue, 01 Apr 2025 12:41 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के जालंधर के गांव ताजपुर स्थित द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम के पास्टर प्रोफिट बजिंदर सिंह मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। महिला दुष्कर्म मामले में पादरी को मोहाली कोर्ट ने ताउम्रकैद की सजा सुनाई है। 
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कोर्ट रूम से बाहर आता पादरी बजिंदर सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मोहाली की अदालत द्वारा रेप केस में उम्रकैद की सजा पाने वाला पादरी बजिंदर सिंह हरियाणा का है। उसका जन्म यमुनानगर में एक जाट परिवार में हुआ था। 2000 के दशक की शुरुआत में उसे हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था।
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उसके ताल्लुकात कई राजनीतिक लोगों व अधिकारियों के साथ बने और उसकी सभा में आने वालों की संख्या बढ़ती ही चली गई। जेल में ही बजिंदर ने ईसाई धर्म अपनाया था। रिहा होने के बाद बजिंदर सिंह ने साल 2012 में प्रार्थना सभाएं करना शुरू कर दिया था।

2016 में की थी चर्च ऑफ ग्लोरी की स्थापना

बजिंदर सिंह ने जालंधर के ताजपुर गांव में चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम की स्थापना साल 2016 में की थी। उसके चर्च की देशभर में 260 शाखाएं हैं। सबसे बड़ी चर्च मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में है। वह चमत्कारिक उपचारों का दावा करता है, उसकी सभाओं में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। प्रोफेट बजिंदर सिंह के नाम से यूट्यूब चैनल भी है जिस पर उसके करीब 37 लाख सब्सक्राइबर हैं। बजिंदर सिंह की शाखाएं विदेश में भी हैं, इसमें अमेरिका, इजरायल, मॉरिशस, मलयेशिया, ऑस्ट्रेलिया तक का नाम है। उसके अनुयायी उसे 'पापा जी' कहकर बुलाते थे।

मेरे यशू-यशू से मिली लोकप्रियता 

खुद को प्रोफेट बताने वाला बजिंदर लोगों को एचआईवी, गूंगेपन और बहुत कुछ से ठीक करने का दावा करता है। उसे मेरे यशू-यशू से खासी लोकप्रियता मिली थी। जालंधर में द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम'' का संस्थापक पास्टर बजिंदर विवादों में रहा है।

यह भी पढ़ें: पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद: दुष्कर्म मामले में मोहाली कोर्ट ने सुनाई सजा, पूरी जिंदगी जेल में रहेगा

महिला को कई बार भेजे गलत मैसेज

दर्ज एफआईआर में महिला ने कहा है कि वह साल 2017 में बजिंदर सिंह के चर्च की टीम में शामिल हुई थीं। एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि साल 2022 में अभियुक्त ने पीड़िता से छेड़छाड़ शुरू कर दी और कई बार गलत मैसेज भी भेजे। महिला ने बताया उन्होंने दिसंबर 2017 में जालंधर जिले के ताजपुर गांव स्थित ग्लोरी ऑफ विजडम चर्च नामक सत्संग में जाना शुरू किया था, 2020 में वह इस चर्च की टीम में शामिल हो गईं और पास्टर बजिंदर की नजर में आईं। पास्टर ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और उससे चैटिंग करने लगा, अभियुक्त ने कई बार फोन पर अनुचित मैसेज भी भेजे। 

महिला को गले लगाने की कोशिश

महिला के अनुसार पास्टर बजिंदर सिंह ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर इस बारे में किसी से कुछ कहा तो उसे व उसके परिजनों की हत्या कर दी जाएगी। साल 2022 में पास्टर बजिंदर सिंह ने इस महिला को गले लगाने की कोशिश की थी और उसे गंदे तरीके से छुआ था। पास्टर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उस समय पकड़ा, जब वह लंदन जा रहा था, आरोप साबित न होने पर उसे बरी कर दिया गया था। सितंबर 2022 में दिल्ली के एक परिवार ने आरोप लगाया था कि बजिंदर ने उनसे उनकी कैंसर पीड़ित बेटी का इलाज प्रार्थनाओं से करने के लिए पैसे मांगे, लेकिन वह बच नहीं सकी। साल 2023 में आयकर विभाग ने जालंधर में बजिंदर सिंह से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। 
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पीड़िता ने बताया था साइको

पादरी को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़िता ने आरोप लगाया था कि पादरी बजिंदर सिंह एक साइको है। अगर वह जेल से बाहर आएगा तो फिर से अपराध करेगा। इसलिए मैं चाहती हूं कि वह हमेशा जेल में ही रहे।
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