पाक-पंजाब में बायो एनर्जी इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। वहीं, भारत सरकार की मदद से बीस मेगावाट क्षमता का बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा।
जिसके लिए दोनों देशों के बीच एमओयू साइन हो चुका है। इसका काम जल्द शुरू होने वाला है।
यह जानकारी पाक-पंजाब के एडिशनल सेक्रेटरी-एग्रीकल्चर अहमद अली जाफर ने दी। वह पाक दल के साथ प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट में हिस्सा लेने आए थे।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से एनर्जी विभाग का दल भी आया है। जिसने पेडा अधिकारियों के साथ मीटिंग की है।
पाक-पंजाब में गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। क्योंकि वहां 9.42 बिलियन मीट्रिक टन रॉ-मेटीरियल हर साल होता है। जिसमें विभिन्न फसलों का बकाया शामिल है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में बिजली-पानी की किल्लत है, खाद मंहगी हैं।
दस लाख ट्यूबवेल हैं, जिनमें से डेढ़ लाख बिजली पर हैं। एक लाख को बायोगैस-डीजल पर शिफ्ट किया जा रहा है।
पाकिस्तान में भी जीएम फसलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है।
कपास की 95 फीसदी फसल बीटी कॉटन पर है। दल में सीड एसोसिएशन के हसन रजा, जमींदार शौकत अली, मुमताज खान, तहरुल हक भी शामिल थे।