बदलते परिवेश में जहां लोगों में रामलीलाओं का मंचन देखने का क्रेज कम हो रहा है वहीं एक रामलीला देखने आज भी दर्शकों की भीड़ खिंची चली आती है।
मुक्तसर की करीब 50 वर्ष पुरानी इस रामलीला की खासियत यह है कि ज्यादातर सभी कलाकार करीब पंद्रह-बीस वर्षों से इस रामलीला कमेटी से जुड़े हैं।
पिछले वर्ष किसी कारणवश रामलीला कमेटी रामलीला का मंचन न कर पाई थी, मगर इस बार एक बार फिर से रामलीला कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी रामलीला पुरानी दाना मंडी में ही होगी।
‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में लाला चेतराम सत्य राम लीला दशहरा कमेटी के अध्यक्ष देसराज लूना तथा महासचिव जीवन शर्मा ने बताया कि रामलीला क मेटी करीब 50 वर्षों से रामलीला करती आ रही है।
करीब 30 वर्ष तक कमेटी के संस्थापक लाला चेतराम के नेतृत्व में रामलीला का आयोजन होता रहा है। उसके बाद उन्होंने मिलकर रामलीला की कमान संभाली।
डायरेक्टर विजय मोंगा की डायरेक्शन में होने वाली इस रामलीला कमेटी में श्री राम चंद्र, सीता, हनुमान जी, दशरथ, जनक, रावण, सरुपनखा जैसे मुख्य कलाकार करीब पंद्रह-बीस वर्षों से जुड़े हुए हैं। रामलीला कमेटी की इस बार भी हर बार की तरह कुछ नया दिखाने की कोशिश रहेगी। रामलीला कमेटी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल आज तैयारियों के संबंध में कमेटी की पहली बैठक हो रही है। जिसमें तैयारियों के संबंध में विचार-विमर्श होगा।
कलाकार रामलीला के दौरान करते हैं ब्रह्मचर्य का पालन
इस रामलीला कमेटी से जुड़े ज्यादातर कलाकारों की यह खासियत भी है कि रामलीला दौरान नवरात्र के चलते कलाकार जहां व्रत रखते हैं वहीं ब्रह्मचर्य का भी बाखूबी पालन करते हैं।
रामलीला कमेटी में राजकुमार सागर श्री राम चंद्र, धीरज सीता, तिलक राज हनुमान, बाबू राम रावण, सुभाष चिड़ी जनक, सूरज सीकरी दशरथ, प्यारे लाल घायल सरुपनखा का रोल वर्षों से करते आ रहे हैं।
सरुपनखा के रोल में प्यारे लाल घायल की अदाकारी देखने के लिए दर्शकों को रामलीला शुरू होने के साथ ही सरुपनखा नाइट का इंतजार रहता है। यह नाइट मुख्य रुप से इस रामलीला की जान कही जाती है।
रामलीला की यह खासियत भी है कि रामलीला का कोई भी कलाकार अभिनय के बदले मेहनताना नहीं लेता। सभी परिवार के सदस्यों की तरह मिलकर बिल्कुल नि:शुल्क अभिनय करते हैं। यहां तक कि अगर कोई किसी कलाकार के अभिनय पर खुश होकर रुपये भेंट करता है तो वह कलाकार उन रुपयों को भी कमेटी को सौंप देता है।
राम भक्त है रावण की भूमिका निभाने वाले बाबू राम
वर्षों से रावण की भूमिका निभाने वाले बाबू राम बेशक पर्दे पर राम चंद्र के साथ युद्ध करते नजर आते हों, मगर असल जिंदगी में वह प्रभु श्री राम चंद्र के परम भक्त हैं। रामलीला कमेटी के साथ जुड़े बाबू राम करीब आठ-नौ वर्षों से रावण का किरदार निभाते आ रहे हैं।