बठिंडा में सॉलिड वेस्ड डिस्पोजल प्लांट में जमीन की खरीद फरोख्त में हुए गड़बड़झाले में बठिंडा नगर निगम के अधिकारियों ने ही सारा ताना बाना बुना।
इस मामले में सीबीआई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस प्लांट में प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर भी पूरा खेल रचा गया है।
सीबीआई ने इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी सिफारिश की है। इस मामले के याचिकाकर्ता बठिंडा निवासी जरनैल सिंह ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभावशाली लोगों ने मिलकर मंडी खुर्द गांव में फरवरी 2010 में 1. 59 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी और बाद में उसी जमीन को पंजाब सरकार ने सात करोड़ रुपये में अधिग्रहित करने के निर्देश जारी कर दिए।
याचिका में यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने यह जमीन खरीदी, उनमें से एक व्यक्ति राजस्व एवं लोक संपर्क मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया का रिश्तेदार है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों पर सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की है। हाईकोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट को रिकार्ड में ले लिया है।
सीबीआई जांच में इस मामले को आपराधिक षड्यंत्र के रूप में दर्शाया है और जमीन खरीद फरोख्त में कई व्यवसायियों के जुड़े होने की बात भी उजागर की है।
जांच में कहा गया है कि बठिंडा नगर निगम गलत तरीके से ग्रामीणों के नाम से पत्र तैयार किए और उसे डीसी पर जमीन अधिग्रहण को लेकर दबाव बनाया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अधिकारियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत पूरा खेल रचा और निजी जमीन व्यवसायियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।