अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला के मुसलमानों के संबंध में दिए गए बयान की शाही इमाम पंजाब ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
हेपतुल्ला ने पिछले दिनों बयान दिया था कि मुसलमानों को आरक्षण की जरूरत नहीं है और मुसलमानों के बजाय देश में अल्पसंख्यक पारसी हैं। मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने जामा मस्जिद में पत्रकार सम्मेलन के दौरान कहा कि नजमा हेपतुल्ला को नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नजमा मुसलमानों के बारे में बयान देते समय यह भूल गईं कि उनको अल्पसंख्यक मंत्री का पद उनके मुसलमान होने की वजह से ही दिया गया है। अगर उन्हें मुसलमानों के हक की बात करना अच्छा नहीं लगता तो उन्हें अल्पसंख्यकों का नेतृत्व करने का भी कोई हक नहीं है।
मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि नजमा दरअसल मोदी सरकार में मिले मंत्री पद का हक अदा करने में लगी हुई हैं। इसलिए उन्होंने भाजपा हाईकमान को खुश करने के लिए वक्फ जायदादों पर अपने जज्बातों का इजहार कर दिया। पंजाब के शाही इमाम ने कहा कि नजमा अपनी जुबान से भाजपा और आरएसएस की बोली बोल रही हैं, जिसे सहन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि नजमा हेपतुल्ला के बयान पर भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह अपना स्टैंड स्पष्ट करें। पार्टी की सरकार इस बारे में क्या चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नई सरकार का गठन होने के बाद जिस तरीके से धारा 370 को लेकर प्रवीण तोगड़िया और आरएसएस की ओर से बयान आ रहे हैं, इससे साफ है कि मोदी सरकार के कई मंत्री और सहयोगी अल्पसंख्यकों को डराना चाहते हैं।
शाही इमाम ने कहा कि मोदी सरकार के बारे में अभी कुछ कहना मुनासिब नहीं होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि केंद्र की सरकार अल्पसंख्यकों के लिए फायदेमंद है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर सिख कौम 1984 के नरसंहार को नहीं भूल सकती तो फिर मुसलमानों से गुजरात नरसंहार को भूलने को क्यों कहा जाता है। मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि देवबंद यूनिवर्सिटी के उप कुलपति मौलाना कासिम नोेमानी साहिब और जनाब महमूद मदनी जिस तरीके से नई सरकार के हक में बयानबाजी करने में लगे हुए हैं, इससे यह बात साफ है कि यह लोग मुसलमानों को डराकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं।
शाही इमाम ने कहा कि जो लोग भी ताकत के नशे में देश के अल्पसंख्यकों को डराना चाहते हैं, वह जान लें कि हम उनसे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नजमा हेपतुल्ला जैसे नेता तंग सोच के गुलाम हैं। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी, गुलाम हसन कैसर, कारी मुहम्मद मोहतरम, मुहम्मद शाकिर आलम, मुफ्ती जमालुद्दीन, मुहम्मद शाहनबाज, अंजूम असगर, मास्टर असलम, मुहम्मद तनवीर खान के अलावा शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम उपस्थित थे।