तरनतारन में भारत-पाकिस्तान की सीमा के पास खेमकरण-भिखीविंड क्षेत्र की एनएच हाईवे पर खुदाई के दौरान मोर्टार बम मिला। इस क्षेत्र में रिलायंस के तार बिछाने का काम चल रहा था। कंपनी के उच्च अधिकारियों ने इस बात की जानकारी थाना भिखीविंड पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस की विभिन्न टीम ने 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसे मिट्टी में दबा दिया। आशंका जताई जा रही है कि यह मोटार्र वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान भारतीय सेना का हो सकता है।
आईजी पंजाब को पत्र लिख कर इस बात की जानकारी दे दी गई। बुधवार को बम निरोधक दस्ता बम को नष्ट करने के लिए पहुंचेगा। थाना भिखीविंड के थाना प्रभारी एसएचओ जसवंत सिंह ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम के माध्यम से मंगलवार सुबह करीब 8 बजे एक फोन आया। उन्हें जानकारी दी गई कि खेमकरण-भिखीविंड के हाईवे पर एक मोर्टार बम पाया गया है। सूचना मिलते ही उनकी विभिन्न टीम मौके पर पहुंच गई। मोर्टार बम काफी खराब हालत में था। उस पर जंग लगा हुआ था। यहां पर एक निजी कंपनी का तार बिछाने का काम चल रहा था। उसके पास ही दस फीट गड्ढा कर उसे दोबारा सुरक्षित तौर पर दबा दिया गया है। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। एक पत्र आईजी पंजाब को लिख दिया है और इस बारे में फोन पर भी जानकारी दे दी गई है। कल बम निरोधक टीम यहां पहुंच रही है। जिसके बाद उसे नष्ट कर दिया जाएगा।
इंस्पेक्टर जसवंत सिंह ने बताया कि पास में भारत-पाकिस्तान की सीमा पड़ती है। आशंका जताई कि वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध दौरान सेना ने शायद इस मोर्टार बम को दबा दिया होगा। इसका इस्तेमाल तोप में डाल कर किया जाता है।