जीरकपुर। विदेश भेजने के नाम पर 52 लाख रुपये ठगने के आरोप में एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए शातिर महंगी गाड़ियों और लग्जरी दफ्तरों का इस्तेमाल करते थे।
बलौंगी निवासी रमनदीप कौर ने बताया कि वह अपनी बेटी भवनदीप कौर के साथ मोहाली के फेज-5 स्थित डायमंड मिरर सैलून गई थी। यहां वह आपस में वीजा लगवाने की बातें कर रही थीं। इस दौरान वहां पलविंदर सिंह ढिल्लों उर्फ हैप्पी से उनकी मुलाकात हुई। उसने कहा कि वह यूएसए (अमेरिका) एंबेसी में वीजा लगवाने का काम करता है। उसकी बातों पर यकीन कर रमनदीप ने अपनी बहन नवनीत कौर और उसके बेटे दिलजोत का वीजा लगवाने के लिए 2018 में पासपोर्ट के साथ 50 हजार रुपये उसे दे दिए। हैप्पी ने फरवरी 2019 में व्हाट्सएप पर वीजा की फोटो भेजी। वीजा देखने के बाद हैप्पी की मांग पर दो बार में आधे-आधे करके 3 लाख रुपये और दे दिए। इसके बाद उसने फाइल लगाने के लिए 5 लाख रुपये और मांगे। रुपये न होने की सूरत में उसने कहा कि वह अपने गहने उसके पास गिरवी रख दें। इसके बाद उन्होंने हैप्पी को 13 तोले सोने और करीब 9.50 लाख रुपये की चांदी के गहनों के साथ दो लाख रुपये नकद दे दिए। हैप्पी ने कहा कि उनकी बहन के वीजा में अभी समय लगेगा। इसी बीच उसने नया पैंतरा खेलते हुए कहा कि वह उनके पूरे परिवार का वीजा लगवा सकता है। 50 लाख रुपये का खर्च आएगा। उसकी बात पर सहमति जताने के बाद ह़ैप्पी ने सभी की फाइल के खर्चे के नाम पर उनसे 4.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद जून, 2019 में हैप्पी ने उनसे 30 लाख रुपये की मांग की तो उन्होंने अपनी जमीन पर कर्ज लेकर 20 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद हैप्पी को रमनदीप कौर के भाई ने 5 लाख रुपये अलग से दिए। यह रकम लेने के बाद हैप्पी ढिल्लों ने व्हाट्सएप पर उनके परिवार के 5 सदस्यों के पासपोर्ट पर वीजा लगे होने की कॉपी भेजी। बाद में हैप्पी और उसके साथियों ने उनके टिकट बुक करवाने के नाम पर 8 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह रमनदीप कौर और उनके परिजनों ने कुल 52 लाख रुपये हैप्पी को थमा दिए।
कुछ दिन बाद जब उन्होंने हैप्पी से संपर्क किया तो उसने जल्द टिकट भेजने की बात कहकर फोन काट दिया। उसे कई बार फोन किया गया तो उसने मोबाइल उठाना बंद कर दिया। जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है तो उन्होंने हैप्पी को ढूंढना शुरू किया। उन्होंने एसएसपी के यहां शिकायत दर्ज करवाई। एसएसपी कार्यालय की ओर से जांच जीरकपुर थाने में भेज दी गई।
आरोपियों में एक महिला भी शामिल
जांच अधिकारी ने बताया कि पलविंदर सिंह ढिल्लों उर्फ हैप्पी ढिल्लों, उसके भाई गगनदीप सिंह ढिल्लों निवासी गांव मैरमपुर खुर्द, जिला अमृतसर, ऋषभ शर्मा निवासी सुरजीत नगर, वार्ड नंबर-1, मोरिंडा, जिला रूपनगर और जतिंदर सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गांव कातरों, जिला बरनाला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, उसकी पहचान नहीं हो पाई है।
लोगों को फंसाने के लिए रखते थे महंगी गाड़ियां और आलीशान दफ्तर
आरोपियों ने अपना दफ्तर मेट्रो प्लाजा (सिटी मार्केट) जीरकपुर में ऑफिस नंबर-8 टॉप फ्लोर पर बनाया हुआ था। जहां वह पैसों का सौदा किया करते थे। सभी शातिर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे और लोगों को आकर्षित करने के लिए ऑफिस भी आलीशान बनाया हुआ था। इसी चमक दमक के कारण लोग उनके जाल में फंस जाते थे।