जीरकपुर। शहर में लग रहे कूड़े के ढेरों को कम करने के लिए सैनिटेशन विभाग की ओर से मुहिम चलाई जाएगी। इसके तहत शहर में वैध और अवैध होटलों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि ये होटल कचरा प्रबंधन कैसे करते हैं। जो होटल मापदंड के अनुसार कचरे का प्रबंधन नहीं करते हैं उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।
इस मुहिम से जहां कूड़े के ढेर कम होंगे, वहीं नगर परिषद की आमदनी भी बढ़ेगी। यह जानकारी स्थानीय नगर परिषद की सैनिटेशन ब्रान्च के चीफ इंस्पेक्टर रजिंदर सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि इस संबंधी योजना बनाई जा रही है। इसका प्रस्ताव बनाकर जल्द उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित जीरकपुर की आबादी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। शहर की सीमाएं शिमला, पंचकूला, अंबाला, चंडीगढ़, मोहाली और पटियाला आदि शहरों को जोड़ती हैं। पांच राज्यों के लिए गेटवे का काम करने वाले जीरकपुर में बड़ी संख्या में होटल खुले हुए हैं। खास बात यह है कि अधिकतर लोग चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली जाने की बजाय जीरकपुर में ठहरना पसंद करते हैं।
बड़ी संख्या में हैं अवैध होटल
जीरकपुर में वैध से ज्यादा अवैध होटल हैं। दिलचस्प बात यह है कि शहर के सभी वैध और अवैध होटल सड़क, पानी एवं सीवरेज आदि बुनियादी सुविधाओं के लिए नगर परिषद पर निर्भर हैं। स्थानीय नगर परिषद के पास वैध होटलों का रिकार्ड तो है, लेकिन अवैध होटलों की कोई जानकारी नहीं है। अवैध होटलों की ओर से गिराए जाने वाले कचरे से नगर परिषद के अधिकारी परेशान हैं।
टीम का किया गठन
सैनिटेशन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में अवैध होटलों का पता लगाने के लिए एक टीम का गठन किया गया है, जो शहर में वैध के अलावा अवैध होटलों की जानकारी जुटाएगी। इसके साथ ही अवैध होटल मालिकों की ओर से कूड़े के डंप को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों का ब्योरा भी लिया जाएगा। इस मुहिम का मकसद शहर में जमा होने वाले कूड़े की मात्रा का पता लगाना है।
अभी तक हमें यह मालूम नहीं है कि शहर में अवैध होटलों की संख्या कितनी है। इसलिए अवैध होटलों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद इनसे कचरा प्रबंधन के लिए मासिक फीस लेने के अलावा जुर्माना भी वसूला जाएगा। इससे नगर परिषद की आमदन में वृद्धि होने की उम्मीद है। -रजिंदर सिंह, चीफ इंस्पेक्टर, सैनिटेशन ब्रान्च, जीरकपुर नगर परिषद।