मोहाली। युवा 16 वर्ष की उम्र में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस में केवल 50 सीसी वाला ही वाहन चला सकते हैं। वहीं देखने में आया है कि आमतौर पर युवा लर्निंग लाइसेंस की आड़ में 50 सीसी से ज्यादा वाले दोपहिया और हजारों सीसी वाली कार चलाना शुरू कर देते हैं, जो गलत है। यह बात अमर उजाला फाऊंडेशन के सहयोग से सेक्टर-68 स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में ‘पुलिस की पाठशाला’ अभियान तहत कराए जागरूकता सेमिनार में ट्रैफिक एजुकेशन सेल के प्रभारी जनकराज सिंह ने कही।
सेमिनार में प्रभारी जनकराज सिंह टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को लाल, हरी व पीली बत्ती सहित अन्य यातायात नियमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही स्कूल बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल ईरा बोगरा ने छात्रों को पुलिस अधिकारियों द्वारा दी जानकारियों को अमल में लाने की अपील की।
ड्राइविंग लाइसेंस होने पर ही चलाए वाहन
सेमिनार के दौरान छात्रों को बताया कि अगर आपकी उम्र 16 साल हो गई है और आप वाहन चलाना चाहते हैं तो विभाग में आवेदन करके ड्राइविंग लाइसेंस जरूर बनवाए। अगर बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाते हैं तो नियम तोड़ने पर होने वाली सजा विद्यार्थियों के साथ-साथ परिजनों को भी भुगतनी पड़ेगी। इसके अलावा छात्रों को बताया गया कि सड़क पर अपने आगे चलने वाले वाहन से दूरी बनाकर चलें और ओवरटेक करते समय इस बात का ख्याल रखें कि आपके वाहन की दूसरे वाहन से दूरी कम से कम छह मीटर हों क्योंकि अधिकतर सड़क हादसों में जान उन लोगों को गई, जिन्होंने ओवरटेक के दौरान नियम का पालन न करते हुए लापरवाही बरती और बाद में वही उसकी मौत का कारण भी बनी।
घर से निकलते समय लगाए हेलमेट व सीट बेल्ट
सेमिनार के दौरान छात्रों को बताया कि कभी परिजनों के साथ कभी बाहर घूमने जा रहे हैं तो दोपहिया वाले हेलमेट पहनें और कार में जाने वाली सीट बेल्ट घर से निकलते ही लगा लें। ये दोनों ही चीज आपकी सुरक्षा को लेकर बनाई गई हैं लेकिन अक्सर लोग इसका इस्तेमाल करने में लापरवाही बरतते हैं। वहीं बाद में हादसों का शिकार होकर अपनी और दूसरे की जान को खतरे में डाल देते हैं। सड़क पर वाहन चलाते समय कभी भी जल्दबाजी न करें क्योंकि जल्दबाजी कभी-कभी लोगों की जान तक ले सकती है।
कोट्स ::::::
बिना डीएल नहीं चलाऊंगा वाहन
ड्राइविंग लाइसेंस जब तक नहीं बन जाता, तब तक दोपहिया और कार को हाथ नहीं लगाऊंगा। मेरी छोटी-सी गलती की सजा मेरे साथ परिजनों को झेलनी पड़ सकती है। -रवतेज
वाहन चलाते हुए करूंगी नियमों का पालन
सेमिनार में बताई एक-एक बात को नोट कर लिया हैं। जब भी वाहन चलाऊंगी तो नियम का पालन करके ही चलाऊंगी क्योंकि किसी तरह की छोटी-सी लापरवाही व्यक्ति की जान ले लेती है। -सुहानी
घर बैठे डीएल बनने की मिली जानकारी
सेमिनार के दौरान पता चला कि ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन घर बैठे कर सकते हैं। इसके लिए दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं, बल्कि इससे जुड़ी जानकारी ऑनलॉइन पोर्टल पर मौजूद है। -अरिशा
दोस्तों को मोडीफाई साइलेंसर हटाने को कहूंगा
मेरे कुछ दोस्तों ने बुलेट में साइलेंसर मोडीफाइड करवाया हुआ हैं। उन्हें हटाने के लिए कहूंगा। सेमिनार में पता चला कि इससे ध्वनि प्रदूषण होता है। वहीं इससे निकलने वाली आवाज से किसी की जान तक जा सकती है। -प्रदीप
लोगों को भी करूंगा जागरूक
सड़क पर चलते समय हमेशा यातायात नियम का पालन करता हूं। आज से दूसरे लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करूंगा क्योंकि अधिकतर सड़क हादसों में जान उन्हीं लोगों की जाती है, जो नियम का पालन नहीं करते। -शूधांत
‘जागरूकता जितनी फैलाएं, उतनी कम’
जागरूकता एक ऐसी चीज है जिसे जितना फैलाया जाए उतना ही कम है। सेमिनार में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। अमर उजाला को इसके लिए बधाई और आगे भी ऐसे सेमिनार होते रहेंगे। -ईरा बोगरा, प्रिंसिपल, दून इंटरनेशनल स्कूल, मोहाली