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Mohali News: टूरिस्ट वीजा से इंट्री मार, जिले के स्पा सेंटर में जॉब करते हैं थाईलैंड के युवक-युवतियां

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मोहाली। जिले के कई स्पा सेंटर्स में थाईलैंड से टूरिस्ट वीजा पर आए युवक-युवतियां अवैध तरीके से बतौर स्टाफ काम करने लगे हैं। न तो प्रशासन की ओर से इनकी कोई चेकिंग की जाती है न ही इनकी जानकारी संबंधित थानों में दी जाती है। इस वजह से स्पा मालिक बेखौफ होकर इनसे काम करवा रहे हैं। जबकि नियमों के अनुसार टूरिस्ट वीजा पर आने वाले दूसरे देशों के नागरिक यहां पर किसी भी प्रकार की जॉब नहीं कर सकते। अगर कोई अवैध तरीके से ऐसा करता है तो यह एक अपराध है।जानकारी के मुताबिक जिले में करीब 500 से ज्यादा स्पा सेंटर्स हैं। इनमें से 267 स्पा सेंटर्स अकेले जीरकपुर में हैं। जीरकपुर के वीआईपी एरिया में 100 से ज्यादा स्पा सेंटर्स हैं। इन स्पा सेंटर्स में से कई में थाईलैंड से टूरिस्ट वीजा पर आए स्टाफ को रखा जाता है और उनसे काम करवाया जाता है। स्पा सेंटर्स को लेकर कई बार आसपास के रेजिडेंट्स ने इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन उसके ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक मोहाली में 100, खरड़ में 150 और जीरकपुर में 267 स्पा सेंटर हैं।
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दिल्ली आकर से पहुंचते हैं सीधे मोहाली
एक स्पा सेंटर के मालिक के अनुसार बाहर से आने वाली इन युवतियों के साथ तालमेल कर लिया जाता है और उसके बाद उनको नई दिल्ली आकर सीधे मोहाली में स्पा सेंटर्स का पता दे दिया जाता है। जिससे वह यहां आ जाती हैं। उनको रहने के लिए जगह भी उपलब्ध करवा दी जाती है।

कमीशन पर करती हैं काम
जिले के स्पा सेंटर्स में काम करने वाला यह थाईलैंड का स्टाफ कमीशन पर ही काम करता है। एक जानकर के अनुसार स्पा सेंटरों में आने वाले क्लाइंट से ही उनको टिप्स मिलती है जिसके कारण है वह यहां ठहरती हैं और कमीशन पर काम करती हैं।
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तस्वीरें दिखाकर करवाते हैं पसंद
जीरकपुर के वीआईपी रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती ने बताया कि स्पा सेंटर में आने वाले क्लाइंट्स को मोबाइल फोन पर उनकी तस्वीरें दिखाकर पंसद करवाया जाता है। जब क्लाइंट को तस्वीर पसंद आती है तो काउंटर पर एक हजार रुपये कैश जमा करवा लिया जाता है और इसके बाद भीतर जैसी डील होती है, उसके अनुसार पेमेंट करनी पड़ती है।

इस कारण आते हैं मोहाली
मोहाली और खरड़ के साथ जीरकपुर में चलने वाले स्पा सेंटरों में काम करने वाले विदेशी स्टाफ के बारे में जानकारी न मिल पाने की प्रमुख वजह है पुलिस वेरिफिकेशन, जिसके लिए ज्यादा बाध्य नहीं किया जाता है। नियम यह है कि अगर कोई भी व्यक्ति घर में किराएदार रखता है या फिर दुकान में कोई नौकर, तो उसकी जानकारी वेरिफिकेशन के जरिए पुलिस को देनी जरूरी कर दी गई है। लेकिन ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते।
यह मामले आ चुके सामने
दो नवंबर, 2019 को गोल्डन आई स्पा में छापेमारी के दौरान पांच थाईलैंड मूल की विदेशी युवतियां काम करतीं पाई गई थीं।
वहीं, 4 फरवरी, 2023 को जीरकपुर के एक स्पा सेंटर में छापेमारी के दौरान कई महिलाओं को पकड़ा गया था, इनमें कुछ विदेशी महिलाएं मौजूद थीं।


कोट्स
ऐसे मामले में सूचना मिलने के बाद पुलिस समय-समय पर अपनी कार्रवाई करती है। इसके बाद मामले भी दर्ज किए जाते हैं। विदेशी युवक-युवतियों का नाम सामने आने के बाद ही कार्रवाई की जाती है। ऐसे ही कुछ मामलों में अदालती कार्रवाई चल रही है। अदालत ने वीजा एक्सपायर होने के बाद ऐसे मामलों में फंसे विदेशी युवक-युवतियों को सजा भी सुनाई है। सभी को बताया हुआ है कि वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। -सिमरनजीत सिंह, डीएसपी जीरकपुर
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