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Mohali News: मोहाली में स्थानीय बस सेवा के लिए करना पड़ेगा इंतजार

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मोहाली। जिले के निवासियों के लिए स्थानीय बस सेवा और विशेष रूप से प्रदूषण मुक्त ई-बसों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। एक दशक से स्थानीय बस सेवा की मांग अधर में लटकी हुई है, जबकि हाल ही में केंद्र सरकार की पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत मोहाली को 100 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित होने से एक उम्मीद जगी है। वर्तमान में मोहाली के निवासियों को परिवहन के लिए मुख्य रूप से चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बसों पर निर्भर रहना पड़ता है जो सीमित मार्गों पर चलती हैं। मोहाली शहर के अंदरूनी हिस्सों में स्थानीय सार्वजनिक परिवहन का घोर अभाव है।
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लगभग एक दशक पहले गमाडा ने भी बस सेवा के लिए रूट फाइनल किए थे लेकिन बाद में प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। मोहाली नगर निगम ने भी विज्ञापन अधिकारों के बदले एक निजी कंपनी द्वारा बस सेवा चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें निगम की सीमा के भीतर आठ रूट शामिल थे, लेकिन यह योजना भी आगे नहीं बढ़ पाई। अप्रैल 2024 में राज्य सरकार ने यह परियोजना पंजाब परिवहन विभाग को सौंप दी, जिसके बाद पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी ने एक व्यवहार्यता अध्ययन शुरू किया।


प्रमुख आंकड़े और स्थिति
परियोजना का नाम | पीएम-ई-बस सेवा योजना (मोहाली) |
| बसें स्वीकृत | लगभग 100 इलेक्ट्रिक बसें (ईवीज) |
| प्रस्तावित रूट | आठ (8) रूट, जो 17 किमी से 32 किमी के बीच की दूरी तय करेंगे। |
| प्रस्तावित आवृत्ति | हर 15 मिनट में एक बस। |

| मुख्य लाभार्थी क्षेत्र | खरड़, लालड़ू, बनूड़ और नयागांव जैसे क्षेत्र। |



विलंब के कारण
- केंद्र की पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत बसों के आवंटन के बावजूद, रूटों को अंतिम रूप देना, टेंडर प्रक्रिया, बस खरीद/संचालन के लिए कॉन्ट्रैक्ट देना, और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना अभी बाकी है।
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- रूट मैपिंग और वित्तीय व्यवहार्यता पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में समय लग रहा है।

- बसों की उच्च लागत के कारण बजट को अंतिम रूप देना एक महत्वपूर्ण चरण है।



निवासियों की मांग

मोहाली एक तेजी से बढ़ता हुआ शहर है, जहां खरड़, जीरकपुर और नए सेक्टरों के विकास के कारण सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है। निवासियों का कहना है कि स्थानीय बस सेवा की अनुपस्थिति में उन्हें महंगे ऑटो रिक्शा या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि शहर में प्रदूषण भी बढ़ता है।


केंद्र सरकार जल्द ही टेंडर निकालेगी
केंद्र सरकार का ई-बस सेवा का प्रोजेक्ट है, इसमें मोहाली को भी शामिल किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार जल्द ही टेंडर निकालेगी। वैसे रूट फाइनल कर लिए गए हैं बाकी अभी भी काम चल रहा है। - दिप्ती उप्पल, सीईओ, पीएमआईडीसी
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