मोहाली। वीआईपी सिटी में रंगकर्मियों, नाटककारों, निर्देशकों और रंगमंच से जुड़े अन्य लोगों ने विश्व रंगमंच दिवस मनाया। 27 मार्च को यूनेस्को की ओर से विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। मोहाली में रंगमंच दिवस का आयोजन सुचेतक स्कूल ऑफ एक्टिंग में किया गया।
यूनेस्को द्वारा स्थापित इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट इस दिन विश्व स्तरीय नाटककार, निर्देशक, संगीतकार या रंगमंच से जुड़े किसी दिग्गज का संदेश जारी करता है। जिसे विश्व भर में स्थानीय भाषाओं में प्रसारित किया जाता है। इसके जरिये रंगमंच से जुड़े लोग अपने उद्देश्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को परिभाषित करते हैं। इस कार्यक्रम में स्थानीय रंगकर्मियों, नाटककारों, निर्देशकों, संगीतकार, गायकों और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। रंगमंच के महासचिव शब्दीश ने इस साल विश्व रंगमंच दिवस पर ब्रिटेन की अदाकारा हैलेन मिरेन के संदेश का पंजाबी अनुवाद सभी के साथ साझा किया। उनके जीवन संघर्ष से जुड़ी बातों को भी सबके सामने रखा। जिसमें कोरोना काल के दौरान रंगकर्मियों की सहायता के लिए उनकी ओर से उठाई गई आवाज और संघर्ष का भी जिक्र किया गया। अलगोजा वादक अनुरीत पाल कौर ने पंजाब के इस लोक साज पर कुछ धुनें सुनाईं। जिन पर गगनदीप सिंह ने लोक साज बुगचू के साथ जुगलबंदी की। इस दौरान हुई चर्चा में किसान आंदोलन को भी शामिल किया गया। रंगमंच से जुड़े कलाकारों ने किसान आंदोलन के पक्ष और विपक्ष में आए फिल्मी कलाकारों के संबंध में चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में हुए संबोधन में वक्ताओं ने रंगमंच की चुनौतियों और प्रतिबद्धता पर बात की।