जीरकपुर। केंद्र सरकार के नए बिजली संशोधन कानून और निजीकरण नीतियों के विरोध में सीएचबी के ठेका आधार पर काम करने वाले बिजली कर्मचारी 2 से 4 दिसंबर तक जीरकपुर सहित पूरे पंजाब में डिवीजन स्तर पर धरना देंगे।
इसके चलते क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार को जीरकपुर में ठेका मुलाजिमों ने बैठक हुई। इसमें यूनियन के प्रधान अमनिंदर सिंह, सर्कल सचिव एकम सिद्धू और कैशियर रोहित कुमार ने बताया कि केंद्र और पंजाब सरकार मिलकर नया बिजली संशोधन बिल ला रहे हैं, जिसकी मार किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता पर भी पड़ेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार केंद्र के साथ मिलकर सरकारी विभागों को निजी कंपनियों के हाथ बेचने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा ठेका कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से नियमितीकरण (पक्का करने) की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार नीति बनाकर भी आगे कार्रवाई नहीं कर रही।
इसी के विरोध में यूनियन ने 2, 3 और 4 दिसंबर को तीन दिन का काम बंद कर धरना देने और सड़कों पर रोष मार्च करने का ऐलान किया है। जीरकपुर में भी सभी ठेका बिजली कर्मचारी इन तीन दिनों तक पूरी तरह काम बंद रखेंगे।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में पंजाब के बिजली मंत्री समेत आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों का पूरे प्रदेश में काले झंडों के साथ विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक बिजली संशोधन बिल वापस नहीं लिया जाता और ठेका कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता।
बैठक में अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह, परमजीत सिंह, मनजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।