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Mohali News: बिन बरसात के सड़कें पानी से भरी, लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल

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नयागांव। इलाके की सबसे पॉश कॉलोनी शिवालिक विहार की सड़कों का मंजर देखकर शहर के बाकी हिस्से का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस इलाके में कई बड़े नेताओं के घर हैं। आलम यह है कि गलियों में बिना बारिश के एक फुट तक का पानी भर गया है। जिसमें पैदल चलना तो दूर दोपहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। यही हाल लगभग सभी मुख्य सड़कों का है, जिसका समाधान करने में परिषद बेबस है।
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जानकारी के अनुसार शिवालिक विहार में नालियों के ब्लॉकेज से सड़कों पर पानी भर गया है। आसपास के रहने वाले लोगों का कहना है कि आज तक इलाके शिवालिक विहार में ऐसा हाल नहीं देखा। अब तो बिना बरसात के सड़कें पानी से भरी रहती है। वहीं इससे आने वाली गंदी बदबू से सांस लेना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने इलाके में अपने घर बनाए, तब यहां 600 गज से कम के प्लाट नहीं काटे गए थे। बाद में डीलरों ने इलाके में मुनाफे के चक्कर में छोटे छोटे प्लाट काट दिए। वहीं मर्जी के मुताबिक घरों को बिना नक्शा पास करवाए धड़ल्ले से बनाया जा रहा है। जिन्हें परिषद के अधिकारी नहीं रोक रहे हैं। इन्ही कारणों से एक तो इलाके की सिमिट्री में फर्क पड़ा है, वहीं पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइप अब छोटी पड़ने लगी है।

हाउस बैठक में कई बार रख चुके हैं मुद्दा
अकाली दाल के पार्षद गुरबचन सिंह ने बताया कि शहर में स्ट्रोम वाटर की डाली गई मुख्य सड़कों की पाइपें 15 साल पहले डाली गई थीं, तब नयागांव की आबादी करीब 50 हजार थी, जो अब तीन गुना बढ़ चुकी है। लेकिन शहर की व्यवस्था पुरानी ही चल रही है, जिसे बदलना जरूरी है। वह नगर परिषद की हाउस बैठक में कई बार इस मुद्दे को रख चुके हैं कि शहर में लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए एसटीपी लगाना जरूरी है। इलाके में जब तक बड़ी पाइपें, सीवरेज लाइन नहीं डाली जाती, तब तक गलियों को बनाने का काम करने का कोई फायदा नहीं है। ऐसा करने से जनता की पैसों की बर्बादी हो रही है। मौजूदा विधायक एवं पंजाब के कैबिनेट मंत्री को चुनावों में किए वादे को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने नयागांव वासियों से जीतने के बाद पहला काम एसटीपी लगाने का कहा था, जो सरकार बनने की दो साल बाद भी अधूरा है।
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