जीरकपुर। तेजी से फैलते जीरकपुर शहर में आबादी के साथ-साथ अपराध भी उसी रफ्तार से बढ़ रहे हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह पीछे छूटती नजर आ रही है। करीब 6.5 लाख की आबादी वाले इस शहर की सुरक्षा महज 70 पुलिसकर्मियों के भरोसे है जो हालात की गंभीरता को खुद बयां करता है।
शहर में फिलहाल दो पुलिस थाने और एक पुलिस चौकी कार्यरत हैं। आंकड़ों के अनुसार, पुलिस थाना जीरकपुर में 40, थाना ढकोली में 18 और पुलिस चौकी बलटाना में सिर्फ 12 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस हिसाब से एक पुलिसकर्मी करीब 9000 लोगों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है। अपराध के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2024 में जहां 550 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर करीब 650 तक पहुंच चुकी है। यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि शहर में कानून-व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
वहीं, किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी बेहद धीमी है। दिसंबर 2023 तक केवल 6400 किरायेदारों का ही सत्यापन हो पाया था, जबकि शहर में बड़ी संख्या में बाहरी लोग रह रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर कई अपराधी, गैंगस्टर और नशा तस्कर यहां पनाह लेते रहे हैं। सरहदी क्षेत्र होने के कारण जीरकपुर अपराधियों के लिए आसान ठिकाना बनता जा रहा है लेकिन इसके मुकाबले पुलिस बल की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जीरकपुर में बढ़ती आबादी और अपराध के बीच पुलिस बल की भारी कमी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
नेताओं को सुरक्षा, जनता असुरक्षित
सरकार को आम लोगों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जबकि जीरकपुर में एक पुलिसकर्मी 9000 लोगों की सुरक्षा कर रहा है। — कुलभूषण शर्मा, अध्यक्ष, यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली
मुजरिमों का सुरक्षित ठिकाना बनता शहर
कम पुलिस बल के चलते अपराध लगातार बढ़ रहा है। किराएदारों की सही वेरिफिकेशन न होने से अपराधियों के लिए यह शहर छुपने की सुरक्षित जगह बन गया है। पभात क्षेत्र में नई पुलिस चौकी जरूरी है।
— नवतेज नवी, पार्षद
पुलिस बल बढ़ाने की जरूरत
पुलिसकर्मियों की कमी बेहद गंभीर विषय है। सरकार को नेताओं की सुरक्षा में कटौती कर पुलिस थानों में स्टाफ बढ़ाना चाहिए। साथ ही, शहर में सरकारी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। — गुरबिंदर सिंह संधू, मुख्य सेवादार, सहयोग सेवा फाउंडेशन बलटाना
महिला थाना जरूरी
महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए अलग महिला पुलिस थाना स्थापित किया जाना चाहिए ताकि महिलाएं बिना झिझक अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें। — नेहा शर्मा, पार्षद
नई चौकियों का प्रस्ताव भेजा गया है
शहर की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए दो नई पुलिस चौकियों का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इन्हें स्थापित किया जाएगा। — गजल प्रीत कौर, एएसपी जीरकपुर