जीरकपुर। आजकल शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो गई है। सभी अंदरूनी सड़कों से लेकर बड़ी सड़कों तक वाहन दौड़ने के बजाय रेंगते हुए नजर आते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण है शहर का योजनाबद्ध विकास का न होना।
जानकारी के अनुसार जीरकपुर में हर माह करीब 1200 तक परिवार बाहर से आकर बस रहे हैं। इतनी भारी संख्या में लोगों का शहर में आने से शहर में अवैध कब्जे तथा गैर योजनाबद्ध निर्माण होने से शहर के मास्टर प्लान का गणित ही बिगड़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार जीरकपुर शहर की करीब 40 सड़कें मास्टर प्लान के अधीन आती हैं।
अगर यह 40 सड़कें मास्टर प्लान के मुताबिक बन जाएं तो शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है। कुछ सड़कों की चौड़ाई मास्टर प्लान के मुताबिक करने के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए बहुत बड़े बजट की जरूर होगी। इतना बड़ा बजट नगर परिषद जीरकपुर के पास होना संभव नहीं है।
माहिरों के अनुसार अगर पंजाब सरकार चाहे तो ही यहां पर मास्टर प्लान लागू होना संभव हो सकता है। क्योंकि इन सड़कों पर जमीन अधिग्रहण करने का अधिकार सरकार के पास ही होता है और बजट भी राज्य सरकार ही प्रदान करती है। अगर इन सड़कों की बात करें तो यह सड़के कहीं से कम चौड़ी है और कहीं से उनकी चौड़ाई मास्टर प्लान के मुताबिक है। इसलिए इनको सीधी करने के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूर पड़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार अगर सरकार एक साथ बड़ी रकम खर्च नहीं कर सकती तो इस कार्य के लिए 4 से लेकर 8 तक फेज बनाए जा सकते हैं। अगर फेस बनाकर काम शुरू किया जाए तो पहले फेस में ज्यादा जरूरी सड़कें और अगले फेज में उस काम जरूरी सड़कों पर जमीन अधिग्रहण करके इनका निर्माण किया जा सकता है।