जीरकपुर। शहर में अवैध इमारतों का निर्माण होना कोई नई बात नहीं है। ताजा मामला बलटाना के वार्ड नंबर-31 में उस समय सामने आया जब सड़क किनारे कोने की दुकान बनाने कि लिए नींव खोदी गई तो नीचे से जा रही सीवर लाइन टूट गई और पानी सड़क पर बहने लगा। यह देखकर स्थानीय लोग जमा होेने लगे और पता चला कि जहां पर दुकान बनाई जा रही है वहां नीचे से सीवर लाइन गुजरती है जो नगर काउंसिल बनने से पहले पंचायत की ओर से डाली गई थी। स्थानीय निवासी जत्थेदार हरबंस सिंह, नंबरदार जसवंत सिंह और अमरजीत सिंह ने बताया कि 1993 में मरहूम सरपंच रविंदर सोही की ओरा से यह सीवर पाइप लाइन डाली गई थी। जो आज भी सही ढंग से चल रही थी।
लेकिन दुकान बनाने के लिए खुदाई की गई तो यह सीवर लाइन तोड़ दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर काउंसिल से मिलीभगत करके यहां दुकान बना रहे हैं। जो कि इस जमीन के नीचे से सीवर पाइप लाइन को साइड करना चाहते हैं। इस काम में पार्षद भी प्रॉपर्टी डीलरों का साथ दे रहे हैं। इसकी लिखत शिकायत नगर काउंसिल को दे दी गई है।
दुकान बनी तो बढ़ जाएगी जाम की समस्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर यहां पर दुकान बन गई तो जाम की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। क्योंकि न तो दुकान के आगे और न ही साइड में कहीं पार्किंग छोड़ी जा रही है। बल्कि दुकान के आगे एक बिजली का खंभा भी है और यह बलटाना का मुख्य चौराहा है। यहां से अकसर भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं और जाम लगा रहता है।
क्या कहते हैं लोग
इस काम में तीन चार पार्षद और राजनीतिक लोग शामिल हैं, जो यह काम करवा रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। बाकी यह नगर काउंसिल बनने से पहले डाली गई सीवर और पानी की लाइन है। जिसे यह लोग एक तरफ करना चाहते हैं। अगर यह पाइप लाइन यहां से हटाई जाती है तो इसको मोड़ना पड़ जाएगा। इस कारण सीवर ओवरफ्लो होने का खतरा बढ़ जाएगा। यह बहुत पुरानी सीवर लाइन है हम इसे किसी के फायदे के लिए यहां से हटने नहीं देंगे। -जत्थेदार हरबंस सिंह, निवासी बलटाना।
पार्किंग और सीवर लाइन छोड़कर दुकान बनाएं तो हमें कोई समस्या नहीं है। यह सीवर लाइन 1993 में पंचायत ने डाली थी। हैरानी की बात है कि नगर काउंसिल ने यहां नक्शा पास कैसे कर दिया। अगर खुदाई के दौरान पाइप लाइन न टूटती तो शायद कोई ध्यान भी न देता। बाकी यह लोग पार्किंग और सीवर लाइन छोड़कर अपनी दुकान बनाएं, हमें कोई एतराज नहीं है। लेकिन यह नियमों के उलट है और अपनी मर्जी से काम करते हैं तो हम इसका विरोध करेंगे। -जसवंत सिंह नंबरदार, निवासी बलटाना।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमें शिकायत मिली थी कि सीवर लाइन टूट गई है, जिसे टीम भेजकर ठीक करवा दिया गया है। बाकी यह जमीन पंचायती है, तभी तो सीवर और वाटर सप्लाई की लाइन निकल रही है। यह जमीन किसी की मलकीयत नहीं है। -कुलवंत सिंह, जेई सीवर एंड वाटर सप्लाई नगर काउंसिल, जीरकपुर
हमें शिकायत मिली है, एक ओर तो गांव वाले बोल रहे हैं कि यह पंचायती जगह थी, जहां से सीवर और पानी कि लाइन निकाली जा रही है। दूसरी ओर प्लॉट मालिक के पास इसका नक्शा भी है और रजिस्ट्री भी है। उसने नगर काउंसिल को अपने प्लॉट में से सीवर लाइन और पानी की लाइन को शिफ्ट करने की अर्जी दी है। अब ऐसे में दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगह सही लग रहे हैं। लेकिन सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही बताया जा सकता है। जांच टीम बनाकर जांच शुरू कर दी गई है। -रवनीत सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल जीरकपुर