पंचकूला। वार्ड नंबर-7 की पार्षद उषा रानी के पति डॉ. रामप्रसाद ने जनता दरबार में शहर की समस्या गिनाईं तो उन्हें पुलिस ने धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। यह बहुत ही निंदनीय है। शुक्रवार को एक निजी होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उक्त आरोप पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के जनता दरबार से इस तरह पार्षद पति डॉ. रामप्रसाद को बाहर निकाला जाना निंदनीय है। इसके लिए विस अध्यक्ष को पार्षद पति डॉ. रामप्रसाद से माफी मांगनी चाहिए। रामप्रसाद ने दरबार में आरोप लगाया था कि विकास में भेदभाव किया जा रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि नगर निगम अपने आप में एक सरकार होती है। छोटे-मोटे रोजमर्रा के कामों में विस अध्यक्ष को ज्यादा आपत्ति दर्ज नहीं करानी चाहिए। पूर्व मेयर व कालका से कांग्रेस की टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ चुकी मनवीर गिल ने कहा वार्ड-7 से पार्षद उषा रानी के पति डॉ. रामप्रसाद को जनता दरबार से बाहर निकालना निंदनीय है। इसकी कड़े शब्दों में वह निंदा करती हैं। इस मौके पर डॉ. रामप्रसाद ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर-6 में 17 लाख व वार्ड नंबर-7 में 49.45 लाख के दो टेंडर लगे हैं। लेकिन अभी तक कोई काम शुरु नहीं किया। इस मौके पर कांग्रेसी पार्षद के नेता सलीम डबकोरी, पार्षद पंकज, पार्षद उषा रानी, पार्षद संदीप सोही, गुरमेल कौर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डाक्टर राम प्रसाद, एडवोकेट नवीन बंसल, समाज सेवी योगिंदर क्वात्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।