बारिश के दौरान और उसके बाद मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को उन्हें धक्का लगाकर निकालना पड़ा।
दफ्तरों से लौटने वाले कर्मचारी, स्कूलों से घर जा रहे विद्यार्थी और बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई स्थानों पर ट्रैफिक धीमा हो गया और वाहन रेंगते नजर आए।
सोहाना, फेज-7 और फेज-8 की कई गलियों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। सेक्टर-70 में भी मुख्य सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से यातायात प्रभावित रहा। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
फेज-11 निवासी रमेश कुमार , फेज -7 निवासी राजेश कुमार ने बताया कि कि कई जगहों पर सीवर और स्टॉर्म वाटर ड्रेन की समय पर सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाया। नालों में गाद और कचरा जमा होने से पानी सड़कों पर फैल गया। लोगों ने प्रशासन से मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष इंतजाम करने की मांग की।
बारिश थमने के कई घंटे बाद भी कई इलाकों में पानी जमा रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि हर मानसून में जलभराव की समस्या दोहराई जाती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाकर शहर को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की मांग की।