मोहाली। कचरे की समस्या से जूझ रहे 65 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की संयुक्त संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ ग्रेटर मोहाली आरडब्ल्यूएज ने सीएम भगवंत मान को चिट्ठी लिखकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। कॉन्फेडरेशन का कहना है कि मोहाली में कचरे की मौजूदा व्यवस्था न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की सेहत, पर्यावरण और एयरपोर्ट की सुरक्षा तक खतरे में डाल रही है।
पत्र में बताया गया है कि सेक्टर 58 (शाहीमाजरा), फेज-11, सेक्टर 48-सी और आसपास के गांवों में खुले में कचरा फेंका जा रहा है। यह सब कुछ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ हो रहा है। नजदीक ही अंतरराष्ट्रीय और डिफेंस एयरपोर्ट है, जिस पर एयरफोर्स और सिविल एविएशन अथॉरिटी भी आपत्ति जता चुकी है। गमाडा, नगर निगम और राज्य विभागों के बीच समन्वय की भारी कमी है। पहले भी डेराबस्सी के पास समगोली में कचरा शिफ्ट करने की कोशिश हुई, लेकिन राजनीति और स्थानीय सहमति न होने से योजना फ्लॉप हो गई।
झंझेड़ी प्रोजेक्ट को लेकर उम्मीदें
सरकार की तरफ से झंझेड़ी (चूनी रोड) में नया कचरा प्रबंधन सेंटर बनाने की योजना है, लेकिन आरडब्ल्यूएज इसे मिशन मोड में लागू करना चाहते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के सीधे नियंत्रण में एक टास्क फोर्स बनाने, पर्यावरणीय मूल्यांकन करने और आसपास की पंचायतों से राय लेने की बात कही गई है। इसके साथ ही मोहल्ला स्तर पर कचरा प्रबंधन यूनिट लगाने और नागरिकों की निगरानी समिति बनाने का सुझाव भी दिया गया है।
ये रखीं पांच अहम मांगें
1. झंझेड़ी प्रोजेक्ट को राज्य मिशन का दर्जा मिले, तय टाइमलाइन के साथ।
2. सेक्टर 58, फेज-11 जैसे पुराने कचरा स्थलों पर तत्काल रोक लगे।
3. 2016 के ठोस कचरा प्रबंधन नियमों और कोर्ट आदेशों की सख्ती से पालना हो।
4. पिछले 15-20 साल की रिपोर्टें सार्वजनिक कर लोगों को जानकारी दी जाए।
5. मोहाली को स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी और अमृत 2.0 के तहत मॉडल शहर बनाएं।