गर्मियां शुरू होते ही जिले के विभिन्न गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। वहीं, दूसरी तरफ कई जगह टंकियों के पंप ऑपरेटर खेल कर रहे है। जो गांव के प्रभावशाली लोगों को पानी की सप्लाई कर रहे हैं, जबकि आम लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा बुरा हाल गांव झंजेड़ी का है।
यह गांव जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स से मात्र कुछ दूरी पर स्थित है। गांव करीब डेढ़ से दो किलोमीटर के एरिया में बसा है। जबकि गांव में करीब 1300 लोग रहते हैं। लेकिन, वहां के आम लोगों को पानी की बूंद तक नसीब नहीं हो रही है। गांव निवासी रुस्तम अली ने बताया कि काफी समय से पानी का संकट बना हुआ है। गांव के हिस्से में पूरे-पूरे सप्ताह पानी की किल्लत बनी रहती है। जबकि गांव के प्रभावशाली लोगों के घरों में रोजाना पानी की सप्लाई होती है। जब वह इस संबंध में पंप ऑपरेटर से बात करते हैं तो वह उनकी सुनवाई नहीं करता है। उन्होंने बताया कि गर्मियों में स्थिति और भी खराब हो गई। गांव निवासी सुरिंदर कौर ने बताया कि कभी-कभी पानी आता है तो वह पूरी तरह लो प्रेशर से आता है। उन्हें मजबूरी में हैंडपंप का पानी पीना पड़ता है, जो कि पीने के लायक नहीं है। ऐसे में इलाके में बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
भागोमजारा में भी पानी का संकट
गांव भागोमाजरा में दो दिन से पानी का संकट बना हुआ है। इलाके के लोग पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन तक कर चुके हैं। लोगों का आरोप है कि नगर काउंसिल खरड़ ने इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
क्या कहते हैं जेई
जेई सरबजीत सिंह ने बताया कि वह शनिवार को गांव में जाएंगे। इस दौरान जिन लोगों ने भी टुल्लू पंप लगा रखे होंगे। उनके टुल्लू पंप हटवाए जाएंगे। इसके अलावा सभी घरों में पानी की टोटियां लगवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस इलाके की पानी सप्लाई की व्यवस्था पंचायत के अधीन है।
क्या कहते हैं सरपंच
गांव की सरपंच अमरजीत कौर ने बताया कि उन्होंने लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए पूरे प्रयास किए है। अगर, पंप ऑपरेटर का रवैया ठीक नहीं है, तो उससे जवाब-तलब किया जाएगा। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।