मोहाली। मुल्लांपुर गरबदास के तोगां गांव में एक परिवार के दो गुटों के बीच हुई खूनी झड़प में पुलिस ने 18 लोगों पर मामला दर्ज किया है। एसपी मोहित अग्रवाल ने बताया कि संदिग्ध फरार हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनकी पहचान ज्ञान सिंह पहलवान, काका (ज्ञान सिंह पहलवान का बेटा), गगनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत, जिंदर सिंह, आकाशदीप सिंह (जिंदर सिंह का बेटा), गैरी (राजा डेयरी मालिक का बेटा), प्रभजोत सिंह (बलविंदर सिंह का बेटा), बलविंदर सिंह (पाल सिंह का बेटा), सोनी (निर्मल सिंह का बेटा), सुक्खा (रणधीर सिंह का बेटा), लक्की (दर्शन सिंह का बेटा), मोनी (ज्ञान सिंह पहलवान का भतीजा), लखविंदर सिंह (लक्की) का बेटा, कुलदीप सिंह का बेटा, गुल्लू (रणधीर सिंह का बेटा), हर्ष (सोनी का बेटा), प्रीत की मौसी का बेटा, कुलविंदर सिंह उर्फ गोला और 8-10 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के रूप में हुई है। एसपी अग्रवाल ने बताया कि घायल परमिंदर सिंह के बयान पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।परमिंदर ने आरोप लगाया कि झगड़े की वजह उनके भतीजे कुलविंदर सिंह, मनिंदर सिंह और हरप्रीत सिंह की गगनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत, गैरी और हर्षप्रीत सिंह से पुरानी रंजिश है।
मुल्लांपुर एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप तिरखा ने बताया कि घायलों की पहचान परमिंदर सिंह, करनैल कौर, मनिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, लाभ सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। वे मोहाली के मुल्लांपुर गरीबदास थाना क्षेत्र के गांव तोगां के रहने वाले हैं। गांव तोगां में हुए झगड़े में लगी चोटों के कारण उन्हें खरड़ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएचओ ने बताया कि गांव तोगां निवासी परमिंदर सिंह ने अपने बयान में बताया कि उसने गांव तोगां में एक जिम खोला है। 6 जुलाई को वह गांव सैनी माजरा में अपने एक दोस्त से मिलने गया था, रात करीब सवा 8 बजे उसके जानकार पीड़ित कुलविंदर सिंह उर्फ अमन का फोन आया। उसने बताया कि गगनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और गैरी ने घेरकर उस पर हमला कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले उनका इन लोगों के साथ झगड़ा हुआ था। परमिंदर अपने भाई लाभ सिंह के घर पहुंचा और बाहर खड़ा हो गया। तभी हमलावर कुलविंदर सिंह उर्फ गोला हाथ में लोहे का पाइप लेकर आया और गालियां देकर उसके घर में घुस गया। उसकी मां करनैल कौर और पिता कुलदीप सिंह ने कुलविंदर सिंह उर्फ गोला से लोहे का पाइप छीन लिया। रात करीब साढ़े 8 बजे उनके और आदमी गली में इकट्ठा हो गए। इसमें आकाशदीप सिंह, गगनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत, सोनी, काका, गैरी और गांव तोगां के अन्य साथी शामिल थे। वह तलवारों, कुल्हाडिय़ों, लोहे की रॉड और लाठियों से लैस थे। उन्होंने उसके घर पर हमला किया और उसके भतीजे मनिंदर सिंह के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। उन्होंने उसके भतीजे हरप्रीत सिंह के सिर पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। उसके भाई लाभ सिंह, उसकी पत्नी मंजीत कौर व परिवार के अन्य सदस्य आए और कुलविंदर सिंह उर्फ गोला व उसके साथियों से उसके भतीजों को बचाया। इसके बाद हमलावर घर से चले गए। उन्होंने बताया कि जब वह हरप्रीत सिंह और मनिंदर सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए वाहन का प्रबंध कर रहे थे, तो हमलावर कुछ और लोगों के साथ फिर आए और दोबारा उन्हें जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। उन्होंने परमिंदर, उनके भाई लाभ सिंह, उनके भतीजों कुलविंदर सिंह, मनिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह और उनकी मां करनैल कौर को तलवारों, कुल्हाड़ियों, लोहे की रॉड और लाठियों से बेरहमी से पीटा। काका ने उनके दाहिने हाथ पर डंडे से वार किया। उनके भतीजों को मारने के इरादे से उनके सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। उनके भाई लाभ सिंह का हाथ तोड़ दिया और उनका सिर फोड़ दिया। उन्होंने उनकी मां का कंधा तोड़ दिया। हमलावरों ने उनके घर और उनके भाई लाभ सिंह के घर में तोड़फोड़ की, दो कारों के शीशे तोड़ दिए, दो बुलेट, एक मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा भी तोड़ दी। पुलिस का सायरन बजने लगा तो हमलावर मौके से फरार हो गए।