फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव संभालकी ने बनाया रिकॉर्ड, अब तक 95 फीसदी का हुआ टीकाकरण, गांव में जिले की तुलना में तेज गति से हो रहा है कोरोना टीकाकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। गांव संभालकी ने कोरोना टीकाकरण में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। भले ही जिले में 92 फीसदी लोगों के टीकाकरण का दावा किया जा रहा है, जबकि गांव में अब तक 95 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इसके पीछे की वजह लोगों की इच्छा शक्ति बताई जा रही है। क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में लोगों ने टीकाकरण के महत्व को समझा और साथ ही टीकाकरण पर जोर दिया। पंचायत और सेहत विभाग भी इस काम में अपनी शानदार भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक गांव संभालकी में काफी पढ़े लिखे लोग रहते हैं और इनमें से अधिकतर लोग सरकारी नौकरियां करते हैं। जिन्होंने सबसे पहले टीकाकरण करवाया। गांव के लोग टीकाकरण में छूट न जाएं, ऐसे में गांव में दो स्पेशल टीकाकरण शिविर लगाए गए। गांव की युवा पीढ़ी को टीकाकरण में प्राथमिकता दी गई, ताकि उन्हें देखकर उनके माता-पिता भी टीका लगवाएं। टीकाकरण से पहले 20 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे और इनमें से 10 मरीज गंभीर थे। गांव में संक्रमण फैलने का मुख्य कारण गांव के लोगों को फेज-6 जिला सिविल अस्पताल में जाकर इलाज करना था। ऐसे में जो परिवार अन्य बीमारियों के लिए इलाज करवाने फेज-6 के सिविल अस्पताल जाते थे। वे अगले ही दिन बीमार पड़ जाते थे। जिसे देखते हुए बाद में गांव के कई परिवारों ने सिविल अस्पताल न जाकर गांव भागो माजरा और मोली की डिस्पेंसरी से अपना इलाज करवाया। इसके बाद संक्रमण कमजोर पड़ा था।
गांव का सरपंच होने के नाते पहले लगवाया टीका
एक युवा सरपंच होने के नाते मेरी कोशिश रही है कि हर युवक का टीकाकरण हो। बेशक उनका इम्यून सिस्टम मजबूत है, लेकिन तीसरी लहर युवकों के लिए घातक हो सकती है। गांव के लोगों को विश्वास दिलाने के लिए पहले मैंने पहली डोज लगवाई। हल्की सी कमजोरी के बाद मैं बिल्कुल ठीक हो गया। कोरोना की बीमारी कितनी घातक है, इसका अंदाजा उन्हें है। उनकी ताई जी की मौत कोरोना से हुई है। जिस दिन वह बीमार हुई थी, उनका बीपी हाई और सीने में दर्द हुआ था, वहीं फेज-6 के अस्पताल पहुंचने के बाद कोरोना का टेस्ट हुआ था, उसके बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

- अरविंद कुमार, सरपंच, गांव संभालकी
युवाओं के लिए गांव में खास शिविर लगवाया
गांव में करीब 900 से ऊपर की आबादी है। अधिकतर लोगों का टीकाकरण हो चुका है। गांव में कई युवक कॉलेजों में पढ़ते हैं और कुछ मोहाली शहर में निजी जॉब करते हैं। ऐसे में उनके संस्थानों ने उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए कहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की मदद से गांव की धर्मशाला में खास शिविर लगाया गया जिससे युवकों को सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन न लगवाने जाना पड़े। क्योंकि सरकारी अस्पताल में ज्यादातर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की संभावना रहती थी।
- चांद शर्मा, पूर्व सरपंच, गांव संभालकी
लोग डर रहे थे, मैंने दी थी टीकाकरण को प्राथमिकता
मेरी उम्र 25 साल है। जब हर कोई कोरोना टीकाकरण से घबरा रहा था, मैंने आगे होकर टीकाकरण करवाया। हालांकि मेरे दोस्तों को अभी वैक्सीन को लेकर थोड़ा संदेह है, क्योंकि गांव में बीमार हुए तीन लोगों को अस्पताल में इलाज के दौरान कोरोना हुआ था। जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। हालांकि हमने टीकाकरण को प्राथमिकता दी।
- रोहित शर्मा, स्थानीय निवासी।
टीकाकरण ही बचा सकता है महामारी से
कोरोना की दूसरी लहर ने जब गांव में भी दस्तक दी थी, उस समय कई युवक इसकी चपेट में आ गए थे। यह बात सबके दिमाग में थी। वहीं, सोचते थे कि अगर हमें कुछ हो गया तो हमारा परिवार कैसे खुद को संभालेगा। ऐसे में जैसे ही टीकाकरण मुहिम चली, परिवार सहित टीकाकरण करवा लिया। अब विश्वास है कि कोरोना महामारी से मुकाबला कर सकते हैं।
विज्ञापन

- संजीव कुमार, स्थानीय निवासी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें