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पूर्व ईओ के बैंक खातों और लॉकर्स की विजिलेंस करेगी जांच, पांच दिन का रिमांड मिला

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मोहाली। आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार पंजाब निकाय विभाग के जीरकपुर नगर काउंसिल में तैनात रहे पूर्व ईओ गिरीश वर्मा को अधिकारियों ने वीरवार को जिला अदालत में पेश किया। यहां से उनके बैंक खातों और लॉकर्स की जांच के लिए विजिलेंस ने ईओ का आठ दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन दूसरे पक्ष के विरोध करने पर अदालत ने पांच दिन का रिमांड दिया है।
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इस दौरान विजिलेंस ने अदालत को बताया कि ईओ गिरीश वर्मा पर आरोप है कि उसने सरकारी पद पर रहकर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न जगह पर पत्नी और अपने नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है, जो कि अब तक की ईओ गिरीश वर्मा के सभी स्रोतों से होने वाली आमदन से कई गुणा ज्यादा है।
जानकारी के मुताबिक जब अदालत से विजिलेंस ने ईओ गिरीश वर्मा के बैंक खातों और लॉकर्स की जांच करने के लिए आठ दिन का रिमांड मांगा तो विजिलेंस की दलीलों का ईओ गिरीश वर्मा के वकीलों ने जमकर विरोध किया और कहा कि उनके मुवक्किल पहले ही छह बार विजिलेंस अधिकारियों की ओर से सवाल-जवाब को लेकर छह बार इंवेस्टिगेशन ज्वाइन कर चुके हैं। इसमें अधिकारियों की ओर से पूछे गए सभी सवालों का जवाब वह दे चुके हैं। अब विजिलेंस गिरफ्तार करके उन्हें जानबूझकर परेशान करना चाहती है। वहीं, इससे पहले हुई इंवेस्टिगेशन में अधिकारियों द्वारा पूछताछ में सवाल-जवाब हो चुके हैं तो पुलिस रिमांड की क्या जरूरत ? लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद ईओ गिरीश वर्मा को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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नेताओं से लेकर नौकरशाह तक विजिलेंस की रडार पर
जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत लगातार राजनीति से लेकर नौकरशाही से जुड़े लोगों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर विजिलेंस विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस ने पहले राजनीति से जुड़े लोगों को एक के बाद एक गिरफ्तार किया। अब उनकी पैनी नजर नौकरशाही से जुड़े लोगों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर है। बुधवार को विजिलेंस ने पंजाब निकाय विभाग के ईओ गिरीश वर्मा को आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में विजिलेंस ने बताया कि ईओ गिरीश ने 2008 से 2021 तक जीरकपुर नगर काउंसिल में ईओ रहते हुए कामकाज किया। इस दौरान ईओ गिरीश वर्मा ने शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है और यह संपत्तियां अपनी पत्नी, बेटे और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर बनाई गई हैं। जबकि उनकी आमदन के स्रोतों से जांच में सामने आया कि उनकी अब तक कुल आमदन करीब 8 करोड़ रुपये हैश् लेकिन उन्होंने पंजाब के अलग-अलग शहरों में प्रॉपर्टी में निवेश किया है, जिसका ब्योरा उनकी आमदन से करीब 90 प्रतिशत ज्यादा है।
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