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Mohali News: छठ से पहले सब्जियों में आया उछाल, लौकी 80-100 रुपये किलो पहुंची

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मोहाली। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत होते ही बाजारों में उत्साह है। इस चार दिवसीय पर्व के पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा में लौकी-भात के विशेष महत्व के कारण इसके दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। जो लौकी कुछ दिन पहले 20-30 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब मंडी में 60 रुपये और खुदरा बाजार में 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। इस में व्रती (व्रत रखने वाली महिलाएं) और उनके परिवार के सदस्य अरवा चावल के साथ शुद्ध घी या सेंधा नमक में बनी लौकी की सात्विक सब्जी का सेवन करते हैं।
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सब्जियों के दाम
सब्जी मंडी में दाम (प्रति किलो) बाजार/खुदरा दाम (प्रति किलो)
लौकी ₹60 ₹80 - ₹100
कद्दू ₹40 - ₹60

अरबी ₹40 - ₹100

शिमला मिर्च ₹80 - ₹120

बैंगन ₹50 -₹80

फलियां ₹80 -₹120



नहाय-खाय में लौकी का विशेष महत्व
1. नहाय-खाय का मुख्य उद्देश्य शरीर और मन को शुद्ध कर कठोर 36 घंटे के निर्जला व्रत के लिए तैयार करना है। लौकी को सबसे शुद्ध और सात्विक सब्ज़ी माना जाता है, जिसे बिना लहसुन-प्याज के शुद्धता से बनाया जाता है।
2. आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से लौकी में पानी की मात्रा 90% से अधिक होती है। इसका सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और पाचन तंत्र को हल्का रखता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और व्रती को कठिन उपवास करने की शक्ति और मानसिक शांति प्रदान करता है।
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3. लोक मान्यताओं में यह सादगीपूर्ण भोजन छठी मैया के प्रति सच्ची भक्ति और अनुशासन का प्रतीक है।





छठ पूजा के समय लौकी की मांग में भारी वृद्धि हो जाती है। सबसे सस्ती सब्जी हमेशा से लौकी ही रहती है, लेकिन छठ के कारण इसकी डिमांड बहुत बढ़ गई है। सब्जियों की आवक ही सीमित है, क्योंकि अधिकांश सब्जियां पहाड़ी राज्यों से आ रही हैं, जिससे कीमतों में उछाल आना स्वाभाविक है। - जतिंदर राणा, खरड़ मंडी इंस्पेक्टर
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