मोहाली। ताजा सब्जियों और फलों की कीमतों ने शहर के उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ दिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश, भूस्खलन और पंजाब के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका सीधा असर बाजार में दामों पर पड़ा है। मटर जैसी सामान्य सब्जी 200 रुपये किलो तक पहुंच गई है, जबकि ब्रोकली 400 रुपये किलो के पार नजर आ रही है। हरा धनिया जैसी चीज जो कभी मुफ्त में मिलती थी, वो तो अब कई दुकानों पर दिखनी ही बंद हो गई है। इस महंगाई का सीधा असर आम आदमी के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। लोगों को अब सब्जियां और फल कम मात्रा में खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई परिवारों ने तो अपनी दैनिक खुराक से ही इन्हें कम कर दिया है।
मंडी और बाजार के दामों में बड़ा अंतर
सब्जियों की मंडी और खुदरा बाजार के दामों में जबरदस्त अंतर देखने को मिल रहा है। जहां मंडी में अदरक 100 रुपये किलो है, वहीं बाजार में यह 160 रुपये किलो तक बिक रही है। इसी तरह लहसुन मंडी में 120-150 रुपये किलो है, लेकिन बाजार में 160 रुपये तक मिल रहा है। नींबू मंडी में 80-100 रुपये किलो है, परंतु उपभोक्ताओं को इसे 160 रुपये किलो तक के भाव पर खरीदना पड़ रहा है।
फलों की कीमतों में भी उछाल
फलों की कीमतों ने भी उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। अनार 150 से 250 रुपये किलो, अंगूर 120 से 150 रुपये किलो और सेब 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। कीनू और जामुन 100-140 रुपये किलो और लीची 80-160 रुपये प्रति किलो के भाव मिल रही है।
विक्रेता और अधिकारी की राय
पहाड़ों पर बारिश और भूस्खलन के कारण सब्जियों की आवक आधी रह गई है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो गया है। जो सामान आ भी रहा है, उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है। महंगाई के कारण ग्राहक कम सब्जी खरीद रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। -अरुण, सब्जी विक्रेता, फेज-5
प्राकृतिक कारणों से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे दाम बढ़े हैं। मंडी प्रशासन कीमतों पर नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह की जमाखोरी रोकने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मौसम सुधरने और सप्लाई बेहतर होने पर दामों में स्थिरता आएगी। -जितेंद्र राणा, मंडी इंस्पेक्टर