मौके पर जांच के लिए पहुंचे जीरकपुर थाना के एसएचओ गुरचरण सिंह ने बताया कि मृतक देखने में तंदरुस्त और अधेड़ उम्र का लग रहा है, इसलिए पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे एक नहीं बल्कि कई लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है और शव को पहचान के लिए डेराबस्सी के सिविल अस्पताल के शव गृह में 72 घंटे के लिए रखवा दिया है।
गांव रामगढ भूडा के किसान विक्रमजीत सिंह ने शनिवार सुबह 6.30 पर फोन कर पुलिस को बताया कि उसके ट्यूबवेल के कमरे से खून बाहर निकल रहा है। पुलिस ने मौके पर आकर देखा तो वहां शव पड़ा था पर शव से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर आसपास खेतों में तथ्य एकत्रित करने के लिए जांच शुरू की। मृतक के सिर के पिछले हिस्से में करीब दो इंच गहरा घाव है और देखने में लग रहा है कि गले पर वार से सांस लेने वाली नली टूट गई है।
मौके पर जांच के दौरान पुलिस को कोई हथियार नहीं मिला है। वहां से शराब की आधी बोतल और लिफाफे में कुछ फल मिले हैं। हत्या में पुलिस दो पहलुओं से जांच कर रही है। पहला कि हत्या के बाद शव वहां लाकर रखा गया या फिर मौके पर ही अज्ञात की शराब पिलाकर हत्या की गई हो। हालांकि पुलिस के अनुसार वहां पर ऐसे कोई निशान नहीं मिले, जिससे यह लगे कि हत्या से पहले वहां कोई झड़प हुई हो।