पांच दिनों से दो टीचर परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। टीचरों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सार नहीं ले रहे हैं।
बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने सोमवार दोपहर खरड़ चंडीगढ़ हाईवे पर देसूमाजरा के पास जाम लगा दिया। मौके पर काफी संख्या में पुलिस होने के बावजूद भी टीचर जाम लगाने में कामयाब रहे। जाम के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए घंटों परेशानी उठानी पड़ी।
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खरड़ और इसके साथ लगते एरिया के लोग गांवों से होकर घर पहुंचे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने चंडीगढ़, दिल्ली और अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को खरड़ और कुराली से डायवर्ट कर निकाला। जबकि मोहाली से खरड़ जाने वाले ट्रैफिक को लांडरां और चप्पड़चिड़ी से होकर निकाला गया। टीचरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा।
जानकारी के मुताबिक गत पांच दिनों से दो टीचर परम और अमन निवासी फाजिल्का देसूमाजरा के पास पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। लेकिन सरकार द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। टीचरों का आरोप है कि सीएम पंजाब रोजाना वहां से गुजरते हैं लेकिन फिर भी उनकी सार नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सोमवार को पूरे पंजाब से काफी संख्या में टीचर खरड़ पहुंचे। इसके बाद सुनवाई न किए जाने से आहत टीचरों ने दोपहर दो बजे हाईवे जाम कर दिया। जिससे आम लोग मुश्किल में आ गए।
बेरोगजार टीचरों ने बताया कि साढ़े चार साल के लगातार संघर्ष के बाद 2364 और 6635 ईटीटी पद उन्हें प्राप्त हुए थे। जिसमें से 2364 ईटीटी के पदों पर संशोधन कर बाहरी उम्मीदवारों को मौका दिया गया। इसी वजह से यह भरती प्रक्रिया लटक रही है। दूसरी तरफ इस वजह से 6635 ईटीटी अध्यापकों की भरती पर 2364 सिलेक्ट उम्मीदवारों की तरफ से हजारों की संख्या में डबल होने का खतरा पैदा हो गया है।
सरकार से अपील है कि पहले 2364 अध्यापकों की भरती पूरी की जाए। साथ ही इस संबंधी कोई पुख्ता कानून बनाया जाए, ताकि हजारों बेरोजगार लोगों को फायदा मिल जाए। टीचरों ने साफ किया है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो और तेज संघर्ष किया जाएगा।