कॉलोनाइजर नियमों का उल्लंघन कर सोशल मीडिया पर कर रहे हैं खुलेआम प्रचार
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। बेहड़ा रोड पर थापर यूनिवर्सिटी के पास करीब 10 एकड़ में बिना मंजूरी औद्योगिक कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। आरोप है कि कॉलोनाइजर नियमों का उल्लंघन कर सोशल मीडिया पर खुलेआम प्रचार कर रहे हैं। इससे खरीदारों के साथ ठगी का खतरा है और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।
कथित कॉलोनी में प्लॉट करीब 10 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से बेचे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्लॉटों के नक्शे और विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनाइजर बिना किसी डर के जमीन की बिक्री का प्रचार कर रहे हैं। इससे सरकार को विकास शुल्क, कॉलोनी लाइसेंस और अन्य मदों में मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। गमाडा के जेई बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि उन्हें इस कॉलोनी की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वे मौके का दौरा कर जांच करेंगे और नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भी बेहड़ा रोड पर एक कॉलोनी की सड़कें उखाड़ी गई थीं। जमीन मालिकों का रिकॉर्ड राजस्व विभाग से मांगा गया है। हालांकि, कॉलोनाइजरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के सवाल पर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
गमाडा की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय लोगों ने गमाडा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिकायत मिलने के बाद विभाग कई बार औपचारिक कार्रवाई करता है। इसमें निर्माणाधीन ढांचे के छज्जे तोड़ना या कच्ची सड़कों में गड्ढे खोदना शामिल है। आरोप है कि इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है और निर्माण फिर से शुरू हो जाता है।
क्षेत्र में पहले भी सामने आए ऐसे मामले
स्थानीय लोगों के अनुसार, बेहड़ा रोड पर यह पहला मामला नहीं है। इस क्षेत्र में पहले भी कई गैर-मंजूर कॉलोनियां काटकर प्लॉट बेचे गए हैं। इनमें से कई स्थानों पर अब बड़ी फैक्ट्रियां और व्यावसायिक निर्माण हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर अभी भी निर्माण कार्य जारी है। इन बिना मंजूरी कॉलोनियों से सरकार को विकास शुल्क और अन्य मदों में राजस्व का नुकसान हो रहा है।