ढकोली। ओल्ड कालका रोड पर गुरु नानक एनक्लेव सोसाइटी के लोगों ने सीवर लाइन पर मंदिर बनाने का विरोध कर नगर परिषद को लिखित में शिकायत दी है। इसके बाद नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोका तो सोसाइटी के ही कुछ लोग मंदिर का काम जारी रखने पर अड़ गए। वीरवार को नगर परिषद ने फिलहाल मंदिर का निर्माण बंद करवा दिया है। कार्यकारी अधिकारी से मिलने के लिए दोनों पक्षों को बुलाया गया है। गुरु नानक एनक्लेव सोसाइटी में दो पक्ष मंदिर निर्माण को लेकर झगड़ा कर रहे हैं। एक पक्ष का कहना है कि यहां मंदिर बनना चाहिए और दूसरे पक्ष का कहना है कि मंदिर यहां नहीं बल्कि किसी साफ-सुथरी जगह पर बनना चाहिए।
इस संबंध में बुधवार को कुछ लोगों ने नगर परिषद को शिकायत देकर निर्माण बंद करवाने के लिए कहा था। वीरवार सुबह दस बजे दूसरे पक्ष के लोगों ने मंदिर निर्माण शुरू किया तो पहले पक्ष ने नगर परिषद की टीम को बुलाकर काम बंद करवा दिया। गुरु नानक एनक्लेव निवासी नीरज कुमार व अन्य ने बताया कि सोसाइटी में एक मंदिर बनाया जा रहा है, यह सड़क के किनारे खाली पड़ी जगह में बनाया जा रहा है। जिस जगह मंदिर बनाया जा रहा है उसके नीचे से सीवरेज और बरसाती पानी की लाइन निकल रही है। यदि सीवर लाइन व बरसाती लाइन चोक होती है, तो उसे ठीक करने के किए क्या मंदिर को तोड़ा जाएगा। क्या सीवर लाइन के ऊपर मंदिर बनाना जायज है।
लोग तो साफ-सुथरी जगह पर मंदिर बनाते हैं। उनका कहना है कि मंदिर बनाने के विरोध में नहीं हैं, बल्कि सीवर लाइन के ऊपर मंदिर बनाने के विरोध में हैं। सोसाइटी कहीं भी साफ सुथरी जगह पर मंदिर बनाया जाता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। सोसाइटी के दूसरे पक्ष के प्रकाश कुमार, विनोद कुमार व अन्य महिलाओं ने बताया कि यह जगह खाली पड़ी है। सोसाइटी के आधे से ज्यादा लोग यहां मंदिर बनाने के सहयोग में हैं। यह जगह काफी समय से खाली पड़ी है। हम यहां मंदिर का निर्माण शुरू कर चुके हैं। मंदिर का काम शुरू करने के साथ-साथ यहां झंडा भी लगा दिया गया है। सोसाइटी के लोगों की सहमति से ही यहां मंदिर बनाया जा रहा है। लोगों ने बताया की मंदिर बनाने के लिए कोई परमिशन नहीं ली है। यह साझा काम है। फिलहाल नगर परिषद ने वीरवार को काम बंद करवाकर दोनों पक्षों को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से बात करने के लिए बुलाया है।
बुधवार को गुरु नानक एनक्लेव सोसाइटी के कुछ लोगों द्वारा सड़क किनारे और सीवर लाइन पर मंदिर बनाने के विरोध में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष को काम बंद करने के लिए बोला गया। वीरवार को दोबारा से काम शुरू कर दिया गया। मौके पर जाकर काम बंद करवा दिया गया है। दोनों पक्षों को कार्यकारी अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। - अजय बराड़, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर