मोहाली। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ में तैनात क्लर्क परवीन कुमार और जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार को ट्रायल खत्म होने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी ठहराकर दोनों को चार साल की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों को विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान इस बात का खुलासा कर विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी जूनियर इंजीनियर और क्लर्क ने शिकायतकर्ता से उसकी प्रॉपर्टी की सेल डीड रजिस्टर करवाने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत किश्तों में दी थी। रिश्वत की आखिरी किश्त देने से पहले विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया था। उसकी शिकायत पर कार्रवाई कर विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट रोपड़ के ऑफिस में छापा मारा।सरकारी अधिकारियों, गवाहों की मौजूदगी में सह-आरोपी परवीन कुमार के पास से 7500 रुपये की रिश्वत की रकम बरामद की गई। सह-आरोपी परवीन कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था।