मोहाली। शहर में बुधवार सुबह दो घंटे हुई 93 एमएम बारिश ने करीब छह महीने से जलभराव से निपटने के लिए की जा रही नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। 65 लाख रुपये की लागत से रोड गलियों की सफाई करने के बाद भी कई फेजों और सेक्टरों में लोगों के घरों में पानी भर गया। सड़कें, नहरें और बाजारों की पार्किंग तालाब बन गईं। मौके पर निगम और दमकल विभाग की टीमें जुटी रहीं। कई इलाकों में जेनरेटर और पंप लगाकर पानी निकाला गया। कई जगह जमीन धंस गई, सड़कों में खड्ढे पड़ गए। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी, कमिश्नर और सभी इलाकों के पार्षद भी समस्या से लोगों को बचाने में जुटे रहे। अब दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए एक स्पेशल फ्लड कंट्रोल रूम गठित करने से लेकर इंजीनियरों, सफाई मुलाजिमों और विशेषज्ञों की स्पेशल टीमें गठित की गई हैं। जो कि शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक एरिया में तैनात रहेंगी।
वैसे तो बुधवार सुबह दो बजे से ही बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन पांच से सात बजे तक एकदम तेज बारिश हुई। इस दौरान लोग घरों में सो रहे थे। ग्राउंड फ्लोर में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया। लोगों का सामान, फर्नीचर, फ्रिज खराब हो गए। पानी करीब एक से डेढ़ फुट तक था। इसके साथ ही लाइट तक गुल हो गई। जलभराव की दिक्कत सबसे ज्यादा फेज-11, चार, छह सात और फेज-पांच में आई। इन इलाकों के रिहायशी एरिया में लोगों के घरों में जलभराव हो गया। इस दौरान फेज-चार और पांच की सड़क को बांटते बनाया गया कॉजवे को तोड़कर पानी निकाला गया।
वहीं, पीटीएल से फेज-पांच जाने वाली सड़क पर जलभराव होने से करीब दो घंटे के लिए उसे रख गया। बीएसएनएल एक्सचेंज और बाल भवन गेट के सामने ज्यादा पानी जमा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गमाडा से सेवानिवृत्त एक्सईएन एनएस कलसी ने कहा कि नगर निगम के उचित इंतजाम न होने से स्थिति बनी है। उन्होंने इस बारे में निगम कमिश्नर को पत्र लिखा है। फेज-दो की पार्किंग में एक पेड़ कार पर गिर गया। जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। फेज-11 में भी हालत खराब हुए। लोगों का कहना है कि नगर निगम वाले सुनवाई नहीं करते हैं।
मोहाली नगर निगम को बने हुए दस साल हो गए है। राज्य में सबसे ज्यादा फंड इनके पास है। लेकिन फिर भी ऐसी स्थिति बन रही है। ऐसे ही हालात नगर निगम के अधीन आते छह गांवों में भी बने रहे। याद रहे कि जलभराव से निपटने के लिए गमाडा और निगम ने आईआईटी मुंबई और पेक चंडीगढ़ से सर्वे तक करवाया। उनकी ओर से दिए गए सुझाव पर कुछ जगह अमल भी किया गया। लेकिन ज्यादातर सुझाव फाइलों में ही बंद रह गए। जिससे यह दिक्कत आई है।
शहर के पार्कों और एयरपोर्ट रोड पर भरा पानी
शहर के तकरीबन सभी प्रमुख पार्कों में पानी भरने से तालाब का रूप धारण कर लिया। फेज-ती स्थित मैंगो पार्क, फेज-4 स्थित बोगेनविलया पार्क, फेज 3बी1 स्थित रोज गार्डन के अलावा सिल्वी पार्क और सिटी पार्क में सैर करने वाले ट्रैकों पर पानी भर गया। नेचर पार्क में भी पानी की निकासी न होने के कारण पानी भरा रहा। इसके अलावा शहर के रिहायशी क्षेत्रों के पार्कों में भी पानी भरने से पार्क तालाब बन गए। एयरपोर्ट रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया फे-7 में सड़क पर पानी भरने से सड़क ने तालाब का रूप धारण कर लिया। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड पर कई जगह जलभराव हुआ। एरो सिटी में भी बारिश के पानी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बलौंगी के स्मार्ट स्कूल में भरा पानी
सरकारी स्मार्ट हाई स्कूल बलौंगी कॉलोनी में जलभराव हो गया। स्कूल की कक्षाओं के कमरों तक पानी पहुंच गया। इस कारण स्कूल के विद्यार्थियों और अध्यापकों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि इस दिशा में पंचायत विभाग को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
स्पेशल टीमें बनाईं, नहीं आने देंगे दिक्कत
कुछ ही दिनों के अंतराल में शहर में बहुत ज्यादा बारिश होने से यह स्थिति बनी है। हालांकि नगर निगम के सभी पार्षद और अधिकारी खुद लोगों के साथ डटे हुए थे। इसके अलावा जलभराव से निपटने के लिए स्पेशल टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें रात में भी नजर रखेेंगी। उम्मीद है कि लोगों को मुश्किल नहीं आएगी। -अमरजीत सिंह जीती सिद्धू, मेयर, नगर निगम मोहाली।