सेक्टर-77 स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपेरेटरी इंस्टीट्यूट के दो कैडेट्स ने शहर का नाम रोशन कर दिया है। बड़जोत सिंह ढिल्लों थल सेना में जबकि विश्वजीत सिंह नौसेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। विश्वजीत के स्वर्गीय दादा लेफ्टिनेंट जनरल गुरिंदर सिंह उत्तरी कमान के पूर्व सेना कमांडर थे। संस्थान के डायरेक्टर रिटायर्ड ब्रिगेडियर जीएस गरेवाल ने इस उपलब्धि पर खुुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अन्य छात्रों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस बार 16 कैडेट्स एनडीए का प्रशिक्षण प्राप्त कर निकले हैं।
मूल रूप से पटियाला के रहने वाले बड़जोत सिंह ढिल्लों अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी चेन्नई से 111 एसएससी कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर पास हुए हैं। उनके पिता कुलदीप सिंह टेक्नीनिशयन और मां गुरप्रीत कौर सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी दो बहनें हैं। उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने पासिंग आउट परेड की समीक्षा की।
कैडेट विश्वजीत सिंह के पिता विक्रम सिंह एक होटल व्यवसायी हैं और मां मान मोहिंदर गृहिणी हैं विश्वजीत 2015 बैच में शामिल हुए थे। संस्थान में अपना प्रशिक्षण पूरा करने पर वे 138 एनडीए पाठ्यक्रम में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए। इसके बाद वे अंतिम वर्ष के प्रशिक्षण के लिए भारतीय नौसेना अकादमी एझिमाला गए। परेड की समीक्षा वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ईस्टर्न नेवल कमांड ने की। 140वें एनडीए कोर्स की पासिंग आउट परेड खड़कवासला में हुई। इस परेड की समीक्षा नौसेनाध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह ने की।
अब तक 71 अफसर सेना को दे चुका है संस्थान
मोहाली के इस संस्थान से अब तक 71 कैडेट्स सेना के तीनों अंगों में अफसर के रूप में तैनात हो चुके हैं। जून महीने में इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है, क्योंकि इसी दौरान आईएमए देहरादून की पासिंग आउट परेड है।
कोविड की भी नहीं रोक पाया सफलता के कदम
जनवरी 2020 से मई 2021 की अवधि में सामान्य प्रशिक्षण दिनचर्या में रुकावट के बावजूद संस्थान के 28 कैडेट एनडीए / अन्य सेवा अकादमियों में शामिल हुए हैं। 24 मई से संस्थान में नया सत्र शुरू हो गया। नए सत्र में 42 छात्रों का चयन किया गया है। कोविड 19 की पाबंदियों के कारण सभी प्रशिक्षण ऑनलाइन किए जा रहे हैं।