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Mohali News: गैंगस्टर अंकित भादू के दो साथियों को दस-दस वर्ष की कैद

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मोहाली। पीरमुच्छल्ला में वर्ष 2019 में हुई मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी गैंगस्टर अंकित भादू के दो साथियों जर्मनजीत सिंह उर्फ बलवान (29) और गुरिंदर सिंह उर्फ गिंदा (31 साल) को जिला अदालत ने 10-10 साल के कैद की सजा सुनाई। इस सजा के साथ दोनों को 71,500 रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। दोनों को अदालत ने जान से मारने की कोशिश, आर्म्स एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में दोषी ठहराया है।अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि जर्मनजीत सिंह का भाई विदेश में रहता है और माता-पिता उन पर ही निर्भर हैं, इसलिए उसे सजा में राहत दी जाए। वहीं गुरिंदर सिंह के बचाव में कहा कि वह दिव्यांग है और उसकी मां विधवा है और उस पर ही निर्भर हैं, इसलिए राहत दी जाए। वहीं, सरकारी वकील ने कहा कि दोनों आरोपियों को 6 फरवरी 2019 को तब पुलिस ने पीरमुच्छल्ला (जीरकपुर) की एक सोसाइटी से गिरफ्तार किया था, दोनों गैंगस्टर अंकित भादू के साथ थे।
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इस दौरान दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर उन्हें मारने की कोशिश भी की थी। इनका अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है, इसलिए सजा में राहत न दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपियों को अपराध करने से पहले यह बात सोचनी चाहिए थी। इनका अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है इसलिए राहत नहीं दी जा सकती। ये कहते हुए दोनों को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई। वहीं इसके अलावा दोनों को 71,500 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। यह भी कहा कि जुर्माना नहीं भरने पर 10 महीने और सजा काटनी होगी।

छह साल की बच्ची को बनाया था ढाल
गैंगस्टर अंकित भादू अबोहर के एक गांव में किसान परिवार में पैदा हुआ था। वह कॉलेज में पढ़ाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई से प्रभावित हो गया था। इसके बाद उसने जुर्म की दुनिया में पैर रखा। एनकाउंटर के दौरान उसने एक 6 साल की बच्ची को अपना ढाल बनाया था। मुठभेड़ में अंकित भादू मारा गया था। वहीं दोनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस दौरान उस लड़की को भी कुछ छर्रे लगे थे।
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