मोहाली। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एवं तत्कालीन डीएसपी, वर्तमान में एजीटीएफ के एसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ और उनकी टीम पर फायरिंग करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं। मामले में आरोपी अमन कुमार निवासी गांव खिजरगढ़ कनौर (जीरकपुर) और शरणजीत सिंह उर्फ सन्नी निवासी गांव मोटेमाजरा (मोहाली), हाल निवासी गांव तंगोरी (मोहाली) को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 111, 132, 221, 3(5) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे डेराबस्सी के गांव भांखरपुर के पास घग्गर पुल के नजदीक यह घटना हुई थी। उस समय डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ और एसआई कोमलप्रीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ड्यूटी पर थी। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों की मंशा जानलेवा थी। यदि गोलीबारी से किसी की मौत हो जाती तो यह मामला हत्या के दायरे में आता। इस आधार पर अदालत ने धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास से संबंधित अपराध माना है।
इसके अलावा, दोनों आरोपियों पर एक संगठित अपराध सिंडिकेट का सदस्य होने का भी आरोप लगाया गया है। अदालत ने माना कि उन्होंने मिलकर पुलिस टीम को निशाना बनाया, जिससे धारा 111(4) और 3(5) के तहत संगठित अपराध की श्रेणी बनती है। अदालत ने यह भी पाया कि आरोपियों ने जानबूझकर सरकारी ड्यूटी निभा रहे पुलिस अधिकारियों पर हमला किया, जिससे उन्हें अपने कर्तव्यों के निर्वहन से रोका जा सके। इस आधार पर धारा 132 और 221 के तहत भी अपराध बनता है। मामले में यह भी सामने आया कि आरोपी बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार थे। जब पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो उन्होंने देसी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। इस पर आम्र्स एक्ट की धारा 25(6) और 27(1) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। अब इस मामले में आगे ट्रायल चलेगा, जिसमें गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत अंतिम फैसला सुनाएगी।