मोहाली। कोरोना महामारी के चलते सरकार की ओर से शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लगाकर दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया था। इसके साथ ही रोजाना शाम को दुकानें साढ़े 6 बजे बंद करने के खिलाफ भी व्यापार मंडल ने संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।
व्यापार मंडल का कहना है कि अब व्यापारी शनिवार और रविवार को भी दुकानें खुली रखेंगे और रोजाना शाम को दुकानें साढ़े 6 बजे के बजाय रात 9 बजे बंद करेंगे।
बुधवार को व्यापार मंडल की हुई अहम मीटिंग में व्यापार मंडल के चेयरमैन शीतल सिंह, प्रधान विनीत वर्मा और महासचिव सरबजीत सिंह पारस के अलावा व्यापारी शामिल हुए। इस मौके पर व्यापारियों का कहना था कि पिछले पांच महीने से कोविड के चलते सरकार की ओर से कई बार पाबंदियां लगाईं गईं। जिससे दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ, इन पाबंदियों ने दुकानदारों की कमर तोड़कर रख दी है।
आज दुकानदार कर्जे में डूबे हैं, उन्हें घर के खर्च निकालने में भी दिक्कत आ रही है। व्यापार मंडल के सदस्यों का कहना था कि जब सरकार दिल करता है दुकानें बंद करवाने का फैसला कर देती है। जबकि दुकानें बंद करवाने के बाद भी कोरोना के केस कम नहीं हो रहे हैैं, जबकि दुकानदारों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
चंडीगढ़ और पंचकूला में नहीं पाबंदी
व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि चंडीगढ़ और हरियाणा में लॉकडाउन की पाबंदियां खत्म कर दी गई हैं। जबकि पंजाब सरकार अभी तक व्यापारियों के लिए दुश्मन बनी हुई है। मोहाली के बाजार शाम साढ़े 6 बजे बंद करवा दिए जाते हैं। इसके बाद शहर के लोग खरीददारी के लिए चंडीगढ़ की ओर रुख कर लेते हैं। वैसे भी मोहाली के ज्यादातर लोग नौकरी पेशा हैं, जो कि शाम के समय ही बाजार आते हैं और ज्यादातर तो शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन ही शॉपिंग करना चाहते हैं। जबकि मोहाली के बाजार शनिवार-रविवार को बंद होने से व्यापारियों को दोहरी मार पड़ रही है।
व्यापारियों को टैक्स के बोझ ने मारा
व्यापार मंडल के नेताओं ने कहा कि एक तो वैसे ही पंजाब सरकार की ओर से व्यापारियों पर टैक्स का बहुत ज्यादा बोझ डाला जाता है। बिजली-पानी की दरें काफी ऊंची हैं। पेट्रोल, डीजल, प्रॉपर्टी और हर तरह के टैक्स हरियाणा और चंडीगढ़ से ज्यादा हैं। वहीं, दुकानें बंद करने के फरमान ने दुकानदारों को तबाह करके रख दिया है
इस बारे में सरकार खुद ही सोचे
व्यापार मंडल के प्रधान ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह खुद ही पाबंदियों को खतम कर दे और प्रशासन को चाहिए कि दुकानदारों पर बिना वजह से लगाई पाबंदियों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब व्यापारी आरपार की जंग के लिए तैयार हैं।