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Mohali News: ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर टोल शुरू, जम्मू, हिमाचल और पंजाब का सफर होगा महंगा

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मोहाली। आईटी सिटी से कुराली तक बने ग्रीनफील्ड कारीडोर तक आवागमन करने वालों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बजहेड़ी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की वसूली प्रक्रिया एक फरवरी से शुरू कर दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की अधिसूचना के बाद नई दरें 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। इस प्रकार यहां से जम्मू, हिमाचल, पंजाब आने-जाने वाले लोगों का सफर महंगा हो जाएगा। स्थानीय लोगों को आईटी सिटी चौक से कुराली और खरड़ से कुराली बाईपास का सफर महंगा हो जाएगा। पूरी तरह से ऑटोमेटिक टोल पर आवागमन के लिए सात-सात लेन बनी हैं। एक-एक लेन को आपातकालीन सेवा के लिए रखा गया है।
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इन रास्तों पर देना होगा टोल
नया टोल प्लाजा जिले के गांव बजहेड़ी (किमी 19+425) के पास स्थित है। मुख्य रूप से दो प्रमुख हिस्सों का इस्तेमाल करने वाले वाहनों से यह शुल्क लिया जा रहा है।
1- आईटी सिटी चौक से कुराली : नेशनल हाईवे 205ए का नया ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट (0 से 22.080 किलोमीटर तक)।
2. खरड़ से कुराली बाईपास : नेशनल हाईवे 205 का हिस्सा (22.680 से 29.900 किलोमीटर तक)।
इन सड़कों के अपग्रेड होने और नए बाईपास बनने के बाद मंत्रालय इनको यूजर फी के दायरे में लाया

वाहन श्रेणी और टोल की दरें (एक तरफ की यात्रा)
वाहन का प्रकार सिंगल जर्नी (रुपये)
कार, जीप, वैन या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) 75
हल्के कामर्शियल वाहन (एलसीवी) या मिनी बस 125
बस या ट्रक (2 एक्सल) 260
भारी ट्रक (3 एक्सल) 285
बड़ी निर्माण मशीनें (एचसीएम) / मल्टी एक्सल वाहन (4-6 एक्सल) 405
ओवरसाइज्ड वाहन (7 या अधिक एक्सल) 495

स्थानीय लोगों के लिए बनेगा मंथली पास
टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय दुकानदारों को राहत देते हुए प्रशासन ने रियायती मासिक पास की व्यवस्था की है। ये पास टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए ही बनेगा। यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक (प्राइवेट) वाहनों के लिए होगी। मात्र 340 रुपये में पूरे माह का पास बनवाया जा सकता है।
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क्यों शुरू हुई वसूली
एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक इस सड़क खंड को हाई-टेक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। 27 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ई-ऑफिस के जरिए इन दरों को मंजूरी दी गई। प्रशासन का कहना है कि टोल से इकट्ठा होने वाली राशि का इस्तेमाल हाईवे के रखरखाव, लाइटिंग और सुरक्षा सेवाओं के लिए किया जाएगा।
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