मोहाली। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से जुड़े फर्जी सर्टिफिकेट घोटाले में मोहाली पुलिस ने कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में मौजूदा प्रधान परमिंदर सिंह खंगूडा सहित चार लोगों नामजद किया गया है। यह मामला वर्ष 2025 में थाना फेज-8 में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह, कृष्ण सिंह (प्राइवेट कर्मचारी एजुकेशन बोर्ड) के रूप में हुई है जोकि तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है। तीसरे आरोपी जगतार सिंह (कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारी बोर्ड) को रविवार को गिरफ्तार किया है जिसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
वहीं, पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड कर्मचारी यूनियन के मौजूदा प्रधान परमिंदर सिंह खंगूडा, हरमनदीप सिंह बोपाराय (सीनियर असिस्टेंट), रणजीत सिंह (हेल्पर) और रजिंदर सिंह (हेल्पर) को मामले में नामजद कर लिया गया है जोकि गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हरमनदीप सिंह की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच करवाई गई थी, जिसमें उसकी लिखावट फर्जी दस्तावेजों से मेल खा गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हरमनदीप सिंह बोपाराय की जमानत अदालत ने रद्द कर दी है। आरोपियों को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में नामजद किया गया है।
जांच में सामने आया है कि मामला वर्ष 2023 से जुड़ा हुआ है। जब सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन के दौरान विरोधाभासी रिपोर्ट सामने आई थीं। पहली जांच में सर्टिफिकेट सही बताए गए थे, जबकि दोबारा जांच में वही दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस जांच के दौरान वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गंभीर खामियां और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के सबूत भी मिले हैं। रजिस्टर में एंट्री की कमी और 13 जुलाई से 9 अगस्त 2023 के बीच पीयन बुक रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आईं थीं। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी वेरिफिकेशन रिपोर्ट जारी की थी। साथ ही, इस पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और रिश्वतखोरी के एंगल की भी जांच की जा रही है।
यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इससे सरकारी संस्थान की विश्वसनीयता जुड़ी हुई है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। गिरफ्त से बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापा मारा जा रहा है। - हरसिमरन सिंह बल, डीएसपी सिटी-2