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Mohali News: रकम दोगुनी करने का मामले देकर ठगने वाले तीन आरोपी काबू

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मोहाली। रोड एपेक्स एप के नाम से फर्जी एप बनाकर 15 लाख रुपये ठगने वाले गुजरात निवासी तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम मोहाली में बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 111 व आईटी एक्ट की धारा-66 के तहत मामला दर्ज किया है।
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पुलिस ने आरोपियों से 21 लाख रुपये नकद, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, एक्टिवा, कैश गिनने वाली मशीन, पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी पकड़े जाने के डर से चंडीगढ़ में अलग-अलग जगह रह रहे थे। आरोपियों को पुलिस ने चंडीगढ़ सेक्टर-51 से गिरफ्तार किया है। आरोपी पटेल पीयुष कुमार निवासी ग्रेटर कोलावाडा आरएस मोहसाणा गुजरात, नीरज भाई एच. पटेल निवासी सी-79 दरांत काडी मोहसाणा गुजरात और गोहिल निकुल कुमार निवासी ग्रेटर कोलावाड आरएस मोहसाणा गुजरात के रूप में हुई है।
मामले का खुलासा पीड़ित गगनदीप सिंह की शिकायत करने पर हुआ। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि वह पिछले तीन सालों से इस संगठित साइबर अपराध को चला रहे हैं। तीनों आरोपी ट्राईसिटी क्षेत्र के चंडीगढ़, मोहाली व पंचकूला में रोजाना करीब 70 से 80 लाख रुपये की नकदी की ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने सेक्टर-22 चंडीगढ़ में एक फ्लैट ले रखा था। वहां से वे लोगों को ठगते थे। उक्त आरोपियों में एक आरोपी के खिलाफ गुजरात में जुआ एक्ट की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है। आरोपियों से जो डिवाइज रिकवर हुए हैं उन्हें फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। उसकी रिपोर्ट आने पर और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
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एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि आरोपियों ने रोड एपेक्स के नाम से फर्जी एप बनाई थी। वे लोगों को शेयर मार्केट में रुपया लगाकर कम समय में दोगुना रुपया देने का लालच देकर फंसाते थे। गगनदीप सिंह नाम का व्यक्ति आरोपियों के चंगुल में फंसा था। आरोपियों ने उससे शेयरमार्केट में निवेश करने के नाम पर 15 लाख रुपये ठगे थे। जब उसने रुपये निकलवाने की कोशिश की तो ठगों ने अधिक रुपयों की मांग की। जब गगनदीप ने निवेश करने में असमर्थता दिखाई तो उन्होंने उसे पांच लाख रुपये नकद देने का लालच दिया।
बाद में ना तो उसे नकदी मिली और ना ही निवेश किया हुआ उसका रुपया मिला। आरोपी शुरुआत में कम रुपये निवेश करवाते और उन्हें कुछ समय बाद एप पर दोगुने रुपये होने का मैसेज भेज देते थे, जिस तरह निवेशक उन पर विश्वास कर बैठता और उससे धीरे-धीरे छोटी-छोटी रकम वसूलते जाते। जब निवेशक रुपये देने से मना कर देते तो उसका अकाउंट बंद कर देते थे।
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