मोहाली। सोहाना थाना पुलिस पर आरोपी को गैर कानूनी तौर पर पुलिस स्टेशन में बंद रखने और रुपये वसूलने के लिए पूरी रात उसकी पिटाई करने के आरोप लगे हैं। मामला एनडीपीएस का है। इस मामले में आरोपी मेजर सिंह के वकील ने जिला अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि अदालत ने आरोपी मेजर सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के निर्देश दिए थे लेकिन सोहाना पुलिस ने उसको अदालत के निर्देशों पर जेल नहीं भेजा। उसे पूरी रात अवैध तौर पर थाने में बंद रखकर बुरी तरह से पीटा है। इस मामले में अदालत ने सोहाना थाना पुलिस के एसएचओ को 2 अप्रैल 2 बजे से लेकर 3 अप्रैल शाम 5 बजे तक की पुलिस स्टेशन सोहाना व लॉकअप रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई में इस सीसीटीवी फुटेज को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
मेजर सिंह के वकील ने अदालत ने याचिका दायर कर तर्क दिया कि 1 अप्रैल को आरोपी मेजर सिंह को पुलिस रिमांड प्राप्त करने के लिए इस अदालत के समक्ष पेश किया गया था। उसे 2 अप्रैल 2025 को फिर से अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश के साथ एक दिन का पुलिस रिमांड दिया गया था। 2 अप्रैल को पुलिस रिमांड के लिए आगे अनुरोध किया गया था जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया और आरोपी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया था। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने मेजर सिंह को सोहाना पुलिस स्टेशन में अवैध रूप से बंद कर दिया और पूरी रात पैसे ऐंठने के लिए पीटा और प्रताड़ित किया। न्यायालय द्वारा पारित निर्देश के बावजूद उसे न्यायिक हिरासत रोपड़ जेल भेजा जाना था।
उक्त घटना पुलिस स्टेशन और लॉकअप रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में 2 अप्रैल 2025 (दोपहर 2 बजे) से 03 अप्रैल 2025 (शाम 5 बजे) की अवधि तक रिकॉर्ड की गई फुटेज कोर्ट में पेश करने के लिए निवेदन किया। अदालत ने सोहाना थाने के एसएचओ को उक्त समय की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट का कहना है कि इस फुटेज को अगली सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जाए। सोहाना पुलिस ने 17 मार्च को एफआईआर नंबर -65 दर्ज की थी। इस मामले में पहले पुलिस ने हरदीप सिंह उर्फ दीपा नाम के शख्स को 100 नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी मेजर सिंह को इसी मामले में बाद में गिरफ्तार कर नामजद किया गया है।